गया जंक्शन से चलने वाली मेमू, लोकल और पैसेंजर ट्रेनों के किराए में 1 अप्रैल से 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है. गया-पटना और गया-डीडीयू जैसे व्यस्त रूटों पर सफर करने वाले हजारों यात्रियों के बजट पर इसका सीधा असर पड़ने की संभावना है.
गयाजी और आसपास के इलाकों से रोजाना ट्रेन में सफर करने वाले आम यात्रियों के लिए एक अपडेट आया है. रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गया जंक्शन से अलग-अलग रूटों पर चलने वाली मेमू और पैसेंजर ट्रेनों के किराए में 1 अप्रैल से बढ़ोतरी की तैयारी चल रही है. बताया जा रहा है कि किराए में औसतन 10 से 15 फीसदी तक का इजाफा किया जा सकता है. अभी तक रेलवे की ओर से इसकी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन विभाग के भीतर इसकी हलचल तेज है.
कितनी बढ़ोतरी हो सकती है
इस बढ़ोतरी का सबसे ज्यादा असर गया-पटना, गया-क्यूल, गया-डीडीयू और गया-राजगीर जैसे व्यस्त रूटों पर पड़ेगा. इन रेलखंडों पर हर दिन हजारों छात्र, नौकरीपेशा लोग और छोटे व्यापारी सफर करते हैं. गया से पटना का किराया 25 रुपये से बढ़कर 30 रुपये तक हो सकता है. गया से डीडीयू का किराया 52 रुपये तक पहुंचने के आसार हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि न्यूनतम किराया भी 10 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये किया जा सकता है, जो कम दूरी तय करने वाले गरीब और ग्रामीण यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त बोझ होगा.
नोटिफिकेशन का इंतजार
यात्रियों का कहना है कि पहले से ही बढ़ती महंगाई ने घर का बजट बिगाड़ रखा है, ऐसे में रेल किराया बढ़ना उनके लिए बड़ा झटका होगा. दूसरी ओर, रेलवे अधिकारियों का तर्क है कि ट्रेनों के संचालन की लागत, बिजली का बिल और रखरखाव के खर्चों में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. बेहतर सुविधाएं और सुचारू परिचालन बनाए रखने के लिए किराया संशोधन जरूरी हो गया है. फिलहाल यात्रियों को रेलवे की अंतिम नोटिफिकेशन का इंतजार है.


