गढ़वा: यहां जिले के सामुदायिक अस्पताल (Community Hospital) के पास सरकारी दवाइयां फेंकी गईं हैं. इन दवाइयों में अल्बेन्डाजोल और फोलिक एसिड टैबलेट शामिल हैं, जो सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत वितरित की जाती हैं. इन दवाइयों के खुलेआम फेंके जाने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में हलचल मच गई.
सिविल सर्जन ने की जांच
घटना की जानकारी मिलते ही गढ़वा जिले के सिविल सर्जन मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की. सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने रंका अस्पताल का निरीक्षण किया और दवाइयों के बारे में जानकारी ली. वहीं, अस्पताल प्रशासन ने इस घटना को एक बड़ी चूक मानते हुए मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है. हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये दवाइयां अस्पताल से बाहर कैसे निकली और क्यों उन्हें फेंक दिया गया.
जांच कर कार्रवाई की जाएगी
सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि वह इस मामले में जल्द से जल्द निष्कर्ष पर पहुंचने का प्रयास करेंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे. इस दौरान सिविल सर्जन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह दवाइयां सरकारी थीं और इन्हें अस्पताल परिसर के पास फेंका गया जो गलत है. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की जांच की जाएगी और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
सिविल सर्जन ने यह भी कहा कि ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य प्रणाली की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और इसे गंभीरता से लिया जाएगा. उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए प्रशासन उचित कदम उठाएगा.