Monday, April 13, 2026

खुदरा मुद्रास्फीति मार्च में मामूली बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गई, सोमवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली.

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नई दिल्ली : सरकार ने सोमवार को खुदरा मुद्रास्फीति का आंकड़ा जारी किया. जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में खुदरा मुद्रास्फीति मार्च में सालाना आधार पर 3.40 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो फरवरी में 3.21 प्रतिशत थी.

सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने कहा, “2024 को आधार वर्ष मानते हुए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक पर आधारित मार्च 2026 से मार्च 2025 तक की सालाना मुद्रास्फीति दर 3.40 प्रतिशत (अस्थायी) है.” आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण मुद्रास्फीति 3.63 प्रतिशत रही, जबकि शहरी मुद्रास्फीति 3.11 प्रतिशत पर बनी रही.

खाद्य मुद्रास्फीति 3.87 फीसदी अखिल भारतीय उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) द्वारा मापी गई खाद्य मुद्रास्फीति मार्च 2026 में वार्षिक आधार पर 3.87 प्रतिशत रही. ग्रामीण क्षेत्रों में यह 3.96 प्रतिशत थी, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.71 प्रतिशत थी.

प्रमुख सब्जियों की कीमतों में भारी गिरावट – कुछ आवश्यक खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई. प्याज की कीमतों में 27 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, जबकि आलू की कीमतों में लगभग 19 प्रतिशत की कमी देखी गई. लहसुन, अरहर (तुअर) और चने जैसी दालों की कीमतों में भी गिरावट आई, जिससे उपभोक्ताओं को राहत मिली.

खाद्य पदार्थों में, टमाटर और फूलगोभी की कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, हालांकि यह फरवरी के स्तर से कम थी.कुछ वस्तुओं की कीमतों में भारी उछाल आया. चांदी के आभूषणों की मुद्रास्फीति लगभग 148 प्रतिशत पर बनी रही, जबकि सोने और हीरे के आभूषणों की कीमतों में लगभग 46 प्रतिशत की वृद्धि हुई.आवास मुद्रास्फीति कम बनी हुई है.मार्च 2026 के लिए आवास मुद्रास्फीति का अस्थायी अनुमान 2.11 प्रतिशत लगाया गया है. इस श्रेणी में, ग्रामीण आवास मुद्रास्फीति 2.54 प्रतिशत पर अधिक थी, जबकि शहरी आवास मुद्रास्फीति 1.95 प्रतिशत रही.

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