Thursday, March 26, 2026

क्रिसमस के मौके पर हजारीबाग और धनबाद के चर्चों में काफी भीड़ उमड़ी.

Share

झारखंड में क्रिसमस धूमधाम से मनाया जा रहा है. क्रिसमस के मौके पर विभिन्न जिलों में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं. हजारीबाग और धनबाद में भी चर्च में लोगों की काफी भीड़ उमड़ी. लोगों में काफी उत्साह देखा गया.

हजारीबाग में विभिन्न चर्चों में बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग पहुंचे. चर्चों को आकर्षक लाइटों से सजाया गया. बुधवार आधी रात से यीशु मसीह के जन्म का जश्न मनाने के लिए खास कार्यक्रम आयोजित किए गए. देर रात तक खास प्रार्थना सभाएं हुईं. केक काटे गए, और लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर क्रिसमस की बधाई दी. कैरोल गीतों की गूंज सुनाई दी. सभी चर्चों में यीशु के जन्म को दर्शाने वाले सुंदर चरनियां बनाईं गई. चर्चों के अलावा कई घरों में भी प्रतीकात्मक चरनियां लगाई गईं. प्रार्थना के दौरान, यीशु के जन्म के संदेश – प्यार, शांति और भाईचारे – पर जोर दिया गया

बस स्टैंड और ज़ुलू पार्क के पास के चर्चों में भारी भीड़ देखी गई. आधी रात को खड़े होने की भी जगह नहीं थी, जबकि बाजार भी देर रात तक गुलजार रहे. चर्चों के सामने केक और मोमबत्तियां बेचने वाली दुकानें लगाई गईं थी. लोग केक खरीदते भी दिखे.

Christmas Day 2025

धनबाद के चर्चों में भी भारी भीड़

हजारीबाग के साथ कोयलांचल धनबाद के चर्चों में भी यीशु मसीह का जन्म बड़े उत्साह के साथ मनाया गया. क्रिसमस के दिन लोग रेलवे स्टेशन के पास सेंट एंथोनी चर्च पहुंचे. खास प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया. चर्च में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिसे खूबसूरती से सजाया गया.

Christmas Day 2025

श्रद्धालुओं ने कहा कि प्रभु यीशु ने हमें यह संदेश दिया है कि हमें मिलकर रहना है और जाति-आधारित भेदभाव को खत्म करना है. चर्च के फादर अमातुस कुजूर ने कहा कि इंसान ईश्वर को नहीं ढूंढ रहा है, बल्कि ईश्वर ही सबसे पहले इंसान की तलाश में इस धरती पर आते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि ईश्वर प्यार और शांति का प्रतीक हैं. प्यार और शांति इंसान के जीवन में जरूरी हैं. जहां शांति और प्यार नहीं होता, वहां परिवार टूट जाते हैं और बिखर जाते हैं. ईश्वर ऐसा नहीं चाहते. वे चाहते हैं कि सभी परिवार प्यार से एकजुट रहें. अगर प्यार होगा, तो समाज और देश में शांति होगी.

बोकारो में भी क्रिसमस की धूम

बोकारो में भी क्रिसमस का जश्न पूरे जोर-शोर से मनाया गया. ईसाई धर्म के मानने वाले लोग क्रिसमस की खुशी बांटने के लिए शहर के अलग-अलग चर्चों में इकट्ठा हुए, और एक-दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी. क्रिसमस के मौके पर मीडिया से बात करते हुए फादर ने कहा कि 25 दिसंबर एक शुभ दिन है. जब ईश्वर ने ईशा को मनुष्य की खोज के लिए धरती पर भेजा.

फादर ने कहा, “यीशु इस धरती पर ईश्वर की तलाश में आते हैं क्योंकि मनुष्यों में प्रेम और शांति जरूरी है. जहां प्रेम नहीं होता, वहां शांति नहीं होती. परिवार टूट जाते हैं, और समाज बिखर जाता है. प्रेम और शांति के बिना, लोगों की जिंदगी बिखर जाती है. यीशु चाहते हैं कि हर इंसान प्रेम में रहे. अगर दुनिया में प्रेम होगा, अगर समाज में प्रेम होगा, तो सुख और शांति बनी रहेगी.

Read more

Local News