रांची पुलिस की कार्रवाई में खुलासा हुआ है कि साइबर अपराधी किराए पर एटीएम लेकर जालसाजी कर रहे हैं.
रांची: साइबर अपराधी ठगी के पैसे के अवैध निकासी को लेकर अब किराए पर एटीएम का जुगाड़ करने में लगे हैं. साइबर अपराधियों को सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध करवाने वाले 14 जालसाजों की गिरफ्तारी के बाद यह खुलासा हुआ है. मामला सामने आने के बाद रांची पुलिस एटीएम कार्ड उपलब्ध करवाने वाले लोगों को रडार पर रखकर जांच में जुट गई है.
- राजधानी रांची में साइबर अपराधियों के खिलाफ एक तरफ सीआईडी की साइबर क्राइम ब्रांच तो कार्रवाई कर ही रही है. साथ ही साथ रांची पुलिस के द्वारा भी लगातार कार्रवाई की जा रही है. पिछले दो सप्ताह के दौरान राजधानी रांची से ही केवल 24 साइबर अपराधी और उनके सपोर्टर पकड़े गए हैं. लेकिन इसी बीच रांची पुलिस के द्वारा एक बड़ा खुलासा किया गया है.
- रांची पुलिस के द्वारा बीते शुक्रवार को एक साथ 14 जालसाजों को गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार सभी 14 अपराधी वैसे जालसाज हैं जो साइबर अपराधियों को सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध करवाते थे. गिरफ्तार अपराधियों के पास 90 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं. पूछताछ में अपराधियों ने पुलिस के सामने यह खुलासा किया है कि यह सभी एटीएम किराए पर लिए गए थे. इन एटीएम के माध्यम से ठगी के पैसे की अवैध निकासी की जाती थी.
- मामला सामने आने के बाद रांची पुलिस अब सभी 90 एटीएम को लेकर जांच में जुट गई है. जांच के कई बिंदु हैं. मसलन तफ्तीश यह की जा रही है कि सभी एटीएम किसके नाम से हैं, साथ ही साथ एटीएम में अब तक कितने ट्रांजेक्शन हुए है. डीआईजी सह एसएसपी रांची चन्दन कुमार सिन्हा ने बताया कि किराए पर एटीएम लेने की बात पूछताछ में सामने आई है जिसे लेकर गहन जांच की जा रही है. जांच के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी.
जिन 14 अपराधियों को रांची के बरियातू पुलिस के द्वारा गिरफ्तार किया गया था, उनसे पूछताछ भी की गई है. पूछताछ में यह बात सामने आई है कि जिन लोगों से एटीएम किराए पर लिया जाता था, उन्हें उसके एवज में 5 से 10 हजार प्रत्येक महीने दिए जाते थे. अब पुलिस के रडार पर सभी 90 एटीएम के धारक हैं जिन पर कार्रवाई के लिए जांच शुरू कर दी गई है इसके लिए बैंक की मदद ली जा रही है.


