केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी), कांके में शुक्रवार रात सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर 153 निजी सुरक्षाकर्मियों को अचानक हटा दिया गया, जिससे वे बेरोजगार हो गए। उनकी जगह झारखंड सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 71 होमगार्ड्स और 57 सैप जवानों को तैनात किया गया है।
कांके। केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी) में शुक्रवार की रात ठीक नौ बजे सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा उलटफेर कर दिया गया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश के आलोक में संस्थान प्रशासन ने वर्षों से सेवाएं दे रहे निजी सुरक्षाकर्मियों को आनन-फानन में कार्यमुक्त कर दिया।
निदेशक द्वारा शुक्रवार शाम करीब पांच बजे आदेश जारी कर एजेंसी को रात नौ बजे तक हैंडओवर देने का निर्देश दिया गया, जिससे रात की पाली में ड्यूटी की तैयारी कर रहे जवान स्तब्ध रह गए।
इस फैसले के तहत करीब 153 स्थानीय महिला-पुरुष सुरक्षाकर्मी, जो ढाई से तीन दशक तक संस्थान की सुरक्षा संभालते रहे, एक झटके में बेरोजगार हो गए। जानकारी के अनुसार 24 जनवरी की देर शाम एजेंसी को ई-मेल से सूचना दी गई थी।
25 व 26 जनवरी अवकाश रहने के कारण गार्ड्स को इसकी भनक 27 जनवरी को लगी। महज चार-पांच दिनों में वैकल्पिक रोजगार तलाशना प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
इधर, निजी सुरक्षाकर्मियों की जगह झारखंड सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए 71 होमगार्ड्स और 57 सैप (स्पेशल आर्म्ड पुलिस) जवानों की तैनाती कर दी गई है। पलामू, लोहरदगा और गुमला से होमगार्ड्स शुक्रवार रात ही सीआईपी पहुंचे।
देर शाम तक वरीय अधिकारी पोस्टिंग व जिम्मेदारियों की जानकारी देते नजर आए, हालांकि पूरी संख्या में जवानों के पहुंचने का इंतजार बना हुआ है।
नौकरी से हटाए गए गार्ड्स दिनभर न्याय की गुहार लेकर जनप्रतिनिधियों के दरवाजे खटखटाते रहे। राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष प्रो. आदित्य प्रसाद साहू, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सहित कई नेताओं से उन्होंने मुलाकात की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने का प्रयास भी किया गया, पर भेंट नहीं हो सकी। वहीं, पहले आश्वासन देने वाले कांग्रेस विधायक और झामुमो नेताओं के गुरुवार व शुक्रवार को नदारद रहने से गार्ड्स में गहरी निराशा और आक्रोश व्याप्त है।


