केंद्रीय कैबिनेट की बैठक से 1.2 करोड़ केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी इस सप्ताह डीए/डीआर बढ़ोतरी की घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं.
नई दिल्ली: केंद्र सरकार से उम्मीद थी कि होली से पहले महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) में बढ़ोतरी कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. पिछले सप्ताह हुई कैबिनेट बैठक में भी केंद्र सरकार ने डीए/डीआर बढ़ोतरी की घोषणा नहीं की. केंद्रीय कैबिनेट की बैठक परंपरागत रूप से हर बुधवार को होती है और 1.2 करोड़ केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी इस सप्ताह डीए/डीआर बढ़ोतरी की घोषणा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इसके अलावा डीए और डीआर में बढ़ोतरी का उद्देश्य महंगाई से राहत देना है.
डीए/डीआर में साल में दो बार बढ़ोतरी की जाती है. पहली बढ़ोतरी 1 जनवरी से और दूसरी 1 जुलाई से प्रभावी होती है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 7वें वेतन आयोग के तहत भुगतान किया जाता है. केंद्रीय कैबिनेट इस सप्ताह डीए/डीआर की घोषणा कर सकती है और जनवरी से मार्च तक की अवधि के लिए बकाया भुगतान किया जाएगा.
वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों को न्यूनतम मूल वेतन के रूप में 18,000 रुपये मिलते हैं. वहीं, केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों को न्यूनतम मूल पेंशन के रूप में 9,000 रुपये मिलते हैं. पिछले साल अक्टूबर में सरकार ने DA/DR को 3 फीसदी बढ़ाकर 53 फीसदी कर दिया था.
DA में कितनी बढ़ोतरी होगी?
कई विशेषज्ञों का अनुमान है कि DA/DR में बढ़ोतरी 2 फीसदी से 4 फीसदी के बीच हो सकती है.
कर्मचारियों के लिए इसका क्या मतलब है?
अगर किसी व्यक्ति का मौजूदा न्यूनतम मूल वेतन 18,000 रुपये है और जनवरी 2025 के लिए डीए में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की जाती है, तो उसका न्यूनतम वेतन 360 रुपये बढ़ जाएगा.
इसके अलावा मौजूदा 53 फीसदी डीए के तहत, वह 27,540 रुपये के वेतन (न्यूनतम मूल वेतन + डीए) का हकदार है. हालांकि अगर डीए 55 फीसदी तक बढ़ा दिया जाता है, तो उसे 27,900 रुपये का भुगतान किया जाएगा.
अगर डीए 3 फीसदी बढ़ाया जाता है, तो यह 56 फीसदी हो जाता है। इस दर पर न्यूनतम मूल वेतन 540 रुपये बढ़कर 28,080 रुपये मासिक हो जाएगा.
अगर डीए 4 फीसदी बढ़ाया जाता है, तो यह 57 फीसदी हो जाता है. इस दर पर न्यूनतम मूल वेतन 720 रुपये बढ़कर 28,260 रुपये मासिक हो जाएगा.
पेंशनभोगियों के लिए इसका क्या मतलब है?
अगर किसी व्यक्ति की मौजूदा न्यूनतम मूल पेंशन 9,000 रुपये है और जनवरी 2025 के लिए डीआर में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की जाती है, तो उसकी न्यूनतम पेंशन में 180 रुपये की बढ़ोतरी होगी.
मौजूदा 53 फीसदी डीआर के तहत वह 13,770 रुपये की पेंशन (न्यूनतम मूल वेतन + डीआर) का हकदार है. हालांकि अगर डीए को 55 फीसदी तक बढ़ाया जाता है, तो उसे 13,950 रुपये का भुगतान किया जाएगा.
अगर डीआर में 3 फीसदी की बढ़ोतरी की जाती है, तो यह 56 फीसदी हो जाता है. इस दर पर न्यूनतम मूल पेंशन 270 रुपये बढ़कर 14,040 रुपये मासिक हो जाएगी.
अगर डीआर में 4 फीसदी की बढ़ोतरी की जाती है, तो यह 57 फीसदी हो जाती है. इस दर पर न्यूनतम मूल पेंशन 360 रुपये बढ़कर 14,130 रुपये मासिक हो जाएगी.