जालना जिले का रहने वाला 30 वर्षीय युवक अपने रिश्तेदार से मिलने पिशोर आया था. गांव में पहुंचते ही आवारा कुत्तों ने उसका पीछा किया.
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले में कुत्ते के हमले से खुद को बचाने की कोशिश में एक युवक कुएं में गिर गया. चूंकि कुआं सुनसान इलाके में था, इसलिए युवक को कोई मदद नहीं मिली और वह तीन दिन तक अंदर पड़ा रहा. हालांकि, उसने वहां रस्सी को मजबूती से पकड़ रखा था. तीन दिन तक इंतजार करने के बाद इलाके में आए दो लोगों का ध्यान उसकी ओर गया. इसके बाद बचाव अभियान शुरू हुआ और आखिरकार तीन दिन बाद युवक को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
युवक का नाम संदीप घटकवाड़े है. जालना जिले के रहने वाले 30 वर्षीय संदीप किसी काम से अपने रिश्तेदारों से मिलने पिशोर आए थे. जैसे ही वह गांव में पहुंचे, आवारा कुत्तों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया. वह बचाने के लिए भागे, लेकिन इलाके में एक खुले कुएं में गिर गए. उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया, चूंकि कुआं सुनसान जगह पर था, इसलिए किसी ने उनकी आवाज नहीं सुनी. हालांकि, उसने वहीं रस्सी पकड़ी और मदद का इंतजार करने लगा.
अगर किसी के आने का हल्का सा भी आभास होता तो वह आवाज लगाता. लेकिन कोई मदद नहीं मिलती. एक-दो नहीं, बल्कि तीन दिन इंतजार करने के बाद आखिरकार दोनों ने उसकी आवाज सुनी और मदद मिली. सुनसान जगह पर कुएं में गिरा युवक तीन दिन मदद के इंतजार में बिताता रहा. वह कुएं में रस्सी पकड़कर बैठा रहा. गुरुवार को कुछ बच्चे किसी काम के लिए इलाके में गए थे. जैसे ही उन्होंने बाहर से हलचल देखी, संदीप ने आवाज लगाई. बच्चों ने आवाज सुनी और पुलिस को सूचना दी.
पिशोर पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक शिवाजी नागवे ने कुछ कर्मचारियों को मौके पर भेजा. तब तक स्थानीय नागरिकों ने बचाव अभियान शुरू कर दिया था. दूसरी रस्सी से एक टायर बांधकर कुएं में छोड़ा गया. उसके बाद संदीप को बाहर निकाला गया. तीन दिन तक बिना भोजन और पानी के रहने से वह कमजोर हो गया था. मेडिकल जांच के बाद उसकी हालत ठीक होने पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे छोड़ दिया गया और संदीप जालना स्थित अपने घर चला गया.