Monday, March 23, 2026

किडनी का कैंसर अक्सर शुरुआती चरणों में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के विकसित होता है, क्योंकि ट्यूमर छोटे होते हैं और पेट के अंदर…

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बहुत से लोग किडनी से जुड़ी बीमारियों और समस्याओं, जैसे कि किडनी स्टोन, को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि, ये लक्षण कभी-कभी किडनी कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के चेतावनी संकेत भी हो सकते हैं. किडनी से जुड़ी किसी भी असामान्यता को हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि किडनी मानव शरीर का एक बहुत ही जरूरी अंग है. ये खून को छानकर, शरीर से जहरीले पदार्थों, यूरिया और अतिरिक्त तरल पदार्थों को पेशाब के रास्ते बाहर निकालती हैं. इसके अलावा, ये शरीर के अंदर सोडियम, पोटैशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाती हैं. हाल के समय में, किडनी से जुड़ी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है, किडनी कैंसर भी ऐसी ही एक बीमारी है.

आईएमए के महासचिवडॉ. जयेश एम लेले ने बताया है कि किडनी कैंसर के शुरुआती चरणों में कुछ लक्षण जैसे कि पेशाब में खून आना, थकान और तेज दर्द सामने आ सकते हैं. आइए, अब हम इन लक्षणों और आवश्यक सावधानियों के बारे में विस्तार से जानें…

डॉ. जयेश एम लेले ने बताया कि किडनी शरीर के काफी अंदर स्थित होती हैं. इसी वजह से, कैंसर के शुरुआती चरणों में छोटे-छोटे गांठों का पता लगाना मुश्किल होता है. यही कारण है कि बहुत से लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं. किडनी का कैंसर अक्सर शुरुआती चरणों में बिना किसी स्पष्ट लक्षण के ही विकसित हो जाता है. इसे ‘रीनल सेल कार्सिनोमा’ के नाम से भी जाना जाता है. हालांकि, शुरुआती चरणों में पेशाब में खून आना, थकान, कमजोरी और पीठ के निचले हिस्से में तेज दर्द जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.

These Symptoms May Appear in the Early Stages of Kidney Cancer Doctor Explains in Detail

पेशाब के रंग में बदलाव- किडनी से जुड़ी कोई भी समस्या सबसे पहले पेशाब में दिखाई दे सकती है. अगर पेशाब का रंग सामान्य पीले से बदलकर गुलाबी, लाल या भूरा हो जाए, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह सबसे आम लक्षण है। कभी-कभी, पेशाब का रंग कोला जैसा भी दिख सकता है. कभी-कभी, यह बदलाव बिना किसी दर्द के भी हो सकता है. हालांकि, यह किसी गंभीर अंदरूनी बीमारी, जैसे कि किडनी कैंसर का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में, डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है.

निचले हिस्से में लगातार दर्द- पीठ के निचले हिस्से में या पसलियों के नीचे एक तरफ लगातार होने वाले दर्द को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर दर्द लंबे समय तक बना रहता है और आराम करने या दवा लेने के बाद भी कम नहीं होता, तो यह सिर्फ मांसपेशियों का दर्द नहीं हो सकता. इस लक्षण को गंभीरता से लेना चाहिए, खासकर अगर दर्द बिना किसी पिछली चोट या शारीरिक मेहनत के शुरू हुआ हो. लगातार दर्द किडनी से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है. स्थिति बिगड़ने से पहले सही जांच और उचित इलाज के लिए डॉक्टर से सलाह लें.

बिना किसी साफ वजह के तेजी वजन कम होना- अगर आपका वजन बिना किसी साफ वजह के तेजी से कम हो रहा है (भले ही आप डाइटिंग न कर रहे हों या ज्यादा शारीरिक मेहनत न कर रहे हों) तो यह कोई सामान्य बात नहीं है. बिना किसी वजह के वजन कम होना किसी गंभीर अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है. कई मामलों में, यह किडनी की बीमारी या कुछ खास तरह के कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लिए एक चेतावनी संकेत हो सकता है. अगर आपको ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है.

लंबे समय तक थकान महसूस होना- अगर आपको बिना कोई हेवी काम किए भी लंबे समय तक थकान महसूस होती है, और आराम करने के बाद भी आपकी एनर्जी वापस नहीं आती, तो यह सिर्फ मामूली कमजोरी से कहीं ज्यादा हो सकता है. लगातार थकान किसी गंभीर अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकती है. जब शरीर आसानी से थकने लगता है (यहा तक कि रोजमर्रा के सामान्य कामों के दौरान भी) तो लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय, किसी भी अंदरूनी मेडिकल समस्या का पता लगाने के लिए डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है.

These Symptoms May Appear in the Early Stages of Kidney Cancer Doctor Explains in Detail

सूजन या पेट फूलना- पेट, पैरों, टखनों या आंखों के आस-पास अचानक सूजन आना, शरीर के अंदर तरल पदार्थों के असंतुलन का संकेत हो सकता है. किडनी की कार्यक्षमता में गड़बड़ी के कारण शरीर में अतिरिक्त पानी जमा हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप सूजन आ जाती है. इस स्थिति को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और न ही इसे सामान्य मानकर टाल देना चाहिए. यदि सूजन बनी रहती है या और बढ़ जाती है, तो इसके मूल कारण का पता लगाने के लिए तुरंत किसी विशेषज्ञ से परामर्श करना अत्यंत आवश्यक है.

रात में या बार-बार पेशाब आना: अगर आपको रात में बार-बार शौचालय जाने के लिए उठना पड़ता है, तो यह किडनी कैंसर का संकेत हो सकता है. अगर आपको दिन भर में सामान्य से अधिक पेशाब आने लगे तो सतर्क रहें. डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होगा, खासकर अगर पानी कम पीने के बाद भी यह समस्या बनी रहती है.

बार-बार बुखार या रात में पसीना आना: रोजाना हल्का बुखार आना या रात में बहुत ज़्यादा पसीना आना, किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है. किडनी की गंभीर बीमारियों में भी कभी-कभी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.

गांठें: पेट के एक तरफ सूजन या कोई गांठ दिखाई दे सकती है. अगर आपको ऐसी कोई गांठ नजर आती है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना बहुत जरूरी है

रिस्क बढ़ाने वाले फैक्टर्स

  • स्मोकिंग: सिगरेट और बीड़ी पीने से शरीर में प्रवेश करने वाले रसायन किडनी की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे कैंसर का खतरा बढ़ जाता है.
  • मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर: जो लोग मोटे हैं और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, उन्हें किडनी कैंसर होने का खतरा ज़्यादा होता है।
  • केमिकल के संपर्क में आना: काम की जगह पर खतरनाक केमिकल्स के बहुत ज्यादा संपर्क में आना.
  • आनुवंशिकता: अगर आपके परिवार के किसी सदस्य को किडनी कैंसर हुआ है या वह किडनी की पुरानी बीमारी से पीड़ित है, तो आपको भी यह बीमारी होने का खतरा ज्यादा हो सकता है.

बरती जाने वाली सावधानियां

हेल्दी आदतें अपनाकर किडनी कैंसर का खतरा कम किया जा सकता है.

These Symptoms May Appear in the Early Stages of Kidney Cancer Doctor Explains in Detail
  • हेल्दी वजन: आज बहुत से लोग मोटापे से परेशान हैं. ऐसे लोगों को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए और अपने वजन को कंट्रोल में रखना चाहिए.
  • खान-पान संबंधी दिशानिर्देश: फलों, सब्जियों और साबुत अनाज से भरपूर संतुलित आहार लें.
  • नमक का सेवन कम करें: अपने आहार में नमक का सेवन सीमित रखें. इससे आपका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) नियंत्रण में रखने में मदद मिलेगी.
  • पर्याप्त पानी पिएं: अपनी किडनी को स्वस्थ रखने के लिए आपको पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. हर दिन कम से कम तीन से चार लीटर पानी पीने का लक्ष्य रखें.
  • हेल्थ चेकअप: नियमित रूप से हेल्थ चेकअप करवाना बहुत जरूरी है. किडनी कैंसर का शुरुआती चरण में पता चलने पर इसका इलाज आसान हो जाता है.

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