सनातन धर्म में कार्तिक मास का विशेष महत्व है. इस महीने भगवान विष्णु अपनी योगनिद्रा से जागते हैं. माना जाता है कि इस समय भगवान नारायण की पूजा करने से जीवन में खुशहाली और समृद्धि आती है.चलिए जानते हैं कि वर्ष 2025 में कार्तिक मास की शुरुआत कब से हो रही है.
कार्तिक मास भगवान विष्णु को समर्पित है. यह हिंदू कैलेंडर का आठवां महीना है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु चार महीनों की निद्रा के बाद इस समय जागते हैं और जल में निवास करते हैं. कहा जाता है कि इस समय भगवान विष्णु की आराधना करने से लालच, वासना और अहंकार का नाश होता है.
साल 2025 में कब से शुरू होगा कार्तिक मास?
साल 2025 में कार्तिक मास 8 अक्टूबर 2025 (बुधवार) से शुरू हो रहा है और इसका समापन 5 नवंबर 2025 को होगा. इस महीने पूजा-पाठ और दान-पुण्य करना अत्यंत शुभ और फलदायक माना जाता है.
कार्तिक मास में क्या करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस महीने सुबह जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए.संध्या के समय तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना अत्यंत शुभ माना गया है. इसके साथ ही इस महीने दान-पुण्य के कार्य करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि आती है तथा नकारात्मकता का नाश होता है.इसके अलावा, जीवन में खुशहाली और सौभाग्य भी बढ़ता है.
कार्तिक मास में स्नान का महत्व
हिंदू धर्म में कार्तिक मास को अत्यंत पवित्र महीना माना गया है. इस महीने ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस समय भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागकर जल में निवास करते हैं.इसलिए कार्तिक मास में प्रातःकाल स्नान करने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है और शरीर व मन दोनों की शुद्धि होती है.


