कल चैती छठ के चौथे और अंतिम दिन उगते सूर्य देवता को अर्घ्य दिया जाएगा. छठ का व्रत 36 घंटे तक चलता है, जिसके अंत में उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाता है. इस प्रक्रिया के नियमों की संपूर्ण जानकारी यहां देखें
कल, अर्थात् शुक्रवार 4 अप्रैल 2025 को, उगते सूर्य को अर्घ्य देने के पश्चात व्रत का पारण किया जाएगा. छठ पूजा में सूर्य की आराधना का अत्यधिक महत्व है, और इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है.
धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो व्यक्ति छठ पूजा का व्रत करता है, उसे सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है. छठ पूजा की शुरुआत 1 अप्रैल को नहाय खाय से हुई थी, और इसका समापन 4 अप्रैल 2025 को ऊषाकाल में सूर्य की उपासना के बाद होगा.
विभिन्न शहरों में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय
- दिल्ली में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 04:56
- पटना में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 05:38
- कोलकाता में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 05:27
- मधुबनी में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 05:34
- आरा में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 05:40
- अररिया में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 05:28
- खगड़िया में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 05:38
- रांची में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 05:38
- धनबाद में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 05:34
- हजारीबाग में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 05:38
- जमशेदपुर में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 05:35
- डाल्टनगंज में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 05:38
- बंगलोर में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 06:14
- जयपुर में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 04:56
- वाराणसी में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 05:47
- चेन्नई में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 06:03
- मुंबई में कल 4 अप्रैल 2025 को सूर्योदय का समय : 06:30
36 घंटे का छठ व्रत पारण की प्रक्रिया
छठ व्रत का पारण करते समय सबसे पहले पूजा में चढ़ाए गए प्रसाद, जैसे ठेकुआ और मिठाई, का सेवन करें. इसके बाद कच्चा दूध पीना चाहिए. कहा जाता है कि भोग ग्रहण करने के बाद ही व्रत को पूरा माना जाता है. व्रत पारण से पूर्व बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना आवश्यक है, और छठी माता को अर्पित किया गया प्रसाद सभी को बांटना चाहिए.
छठ पूजा के दौरान ध्यान रखें कि आपको मसालेदार भोजन से परहेज करना है. छठ व्रत के प्रभाव से जीवन में सुख, संपत्ति और सौभाग्य में वृद्धि होती है. छठ पूजा का फल तभी प्राप्त होता है जब व्रत का पारण सही तरीके से किया जाए.