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पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट और क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट को लेकर की गयी बैठ
खूंटी. समाहरणालय स्थित उपायुक्त कार्यालय में मंगलवार को उपायुक्त आर रॉनिटा की अध्यक्षता में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट और क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट को लेकर बैठक की गयी. बैठक में उपायुक्त आर रॉनिटा ने कहा कि एक्ट के तहत सभी गाइडलाइंस का अनुपालन सुनिश्चित करें. समिति के सदस्यों का उत्तरदायित्व है कि नियमों का अक्षरशः पालन हो. उपायुक्त ने सभी सदस्यों को उनकी भूमिका और क्रियान्वयन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी. उपायुक्त ने कहा कि अल्ट्रासाउंड क्लीनिक और क्लीनिक के संचालन के लिए सभी अधिनियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें. जिले में कन्या भ्रूण लिंग जांच जैसी कुप्रथा पर अंकुश लगायें. उन्होंने निजी चिकित्सा संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए कहा. कहा कि क्लीनिक में चिकित्सक का होना अनिवार्य है. वहीं लैब रेट चार्ट का डिसप्ले करना सुनिश्चित करायें. जिससे मरीजों को समस्या नहीं हो. उन्होंने कहा कि एक्ट का सम्पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए सभी सदस्य सक्रिय भूमिका निभायें. एक्ट के संबंध में जागरूकता बढ़ायें. उपायुक्त ने समय-समय पर छापेमारी करने का भी निर्देश दिया. बैठक में मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नागेश्वर मांझी ने पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट और क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जिले में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के तहत कुल सात अल्ट्रासाउंड क्लीनिक संचालित हैं. दो नये अल्ट्रासाउंड क्लीनिक के संचालन के लिए आवेदन आया है. वहीं क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत कुल 58 क्लीनिक संचालित है. बैठक में सदस्यों के रूप में जन प्रतिनिधि, सिविल सर्जन, चिकित्सक, अधिवक्ता, आयुष चिकित्सा पदाधिकारी और अन्य उपस्थित थे.