Friday, March 27, 2026

कई लिपस्टिक में कैडमियम और लेड जैसी हैवी मेटल्स होती हैं. ये मेटल्स फेफड़ों के कैंसर सहित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती हैं…

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लिपस्टिक एक लोकप्रिय कॉस्मेटिक प्रोडक्ट है जिसका इस्तेमाल होंठों की रंगत और सुंदरता निखारने के लिए किया जाता है. लिपस्टिक कई प्रकार की होती हैं और विभिन्न रंगों और बनावटों में उपलब्ध होती हैं. हालांकि, शोध से पता चला है कि कुछ लिपस्टिक में मौजूद रसायन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं. कई अध्ययनों में पाया गया है कि कुछ प्रकार की लिपस्टिक में कैडमियम और लेड जैसी हैवी मेटल्स होती हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती हैं.

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी लिपस्टिक के लंबे समय तक इस्तेमाल से फेफड़ों के कैंसर सहित गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं. कैडमियम एक और ज़हरीली धातु है जो अक्सर रंगीन कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में जिंक या मिनरल्स पिगमेंट में कंटामिनेटेड के रूप में पाई जाती है. यह एक कार्सिनोजेन है और किडनी और हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकता है. हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि कभी-कभार इस्तेमाल से नुकसान नहीं हो सकता है, फिर भी सावधानी बरतना और सुरक्षित विकल्प चुनना बुद्धिमानी है. तो, आइए जानें कि लिपस्टिक में मौजूद केमिकल्स स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करते हैं…

Applying lipstick daily may increase the risk of many diseases, including cancer, research reveals.

लिपस्टिक में कौन से हानिकारक तत्व होते हैं और इससे शरीर पर क्या नुकसान होता है, जानिए…

कैडमियम: नेशनल मेडिकल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के एक अध्ययन में कहा गया है कि कैडमियम को सांस के माध्यम से अंदर लेने से फेफड़ों का कैंसर हो सकता है और श्वसन तंत्र को नुकसान हो सकता है .

सीसा: यह मुख्य रूप से तंत्रिका तंत्र (Nervous system) को नुकसान पहुंचाता है. हालांकि, ऐसा कहा जाता है कि यह समय के साथ शरीर में जमा होकर तंत्रिका संबंधी समस्याओं, बांझपन और इनडायरेक्टली कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है.

क्रोमियम: इसे मानव कार्सिनोजेन माना जाता है. यानी, क्रोमियम कैंसर का कारण बन सकता है. यह भी कहा जाता है कि अगर लंबे समय तक इसकी अधिक मात्रा ली जाए, तो यह फेफड़ों और पाचन तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.

एल्युमिनियम: एल्युमिनियम सीधे तौर पर कैंसर का कारण नहीं बनता, लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है. विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ये रसायन खाने या पीने के दौरान होंठों की पतली त्वचा के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर सकते हैं. जिससे यह दिल और अन्य शारीरिक अंगों पर भी बुरा असर डाल सकता है.

लिपस्टिक और फेफड़ों के स्वास्थ्य के बीच संबंध
लिपस्टिक और फेफड़ों के स्वास्थ्य के बीच एक संभावित संबंध है, क्योंकि कई लिपस्टिक में कैडमियम और लेड जैसी भारी मेटल्स होते हैं. ये मेटल्स, जो समय के साथ शरीर में जमा हो जाती हैं, फेफड़ों के कैंसर सहित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के खतरे को बढ़ा सकते हैं. फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए, इन मेटल्स वाले प्रोडक्ट्स के संपर्क से बचने के लिए लेड-फ्री और भारी मेटल-फ्री लिपस्टिक का चुनाव जरूरी है.

Applying lipstick daily may increase the risk of many diseases, including cancer, research reveals.

अध्ययन क्या कहता है?
एनवायर्नमेंटल हेल्थ पर्सपेक्टिव्स में प्रकाशित एक अध्ययन में विभिन्न lip products का जांच किया गया. उनमें सीसा, कैडमियम, क्रोमियम, एल्युमीनियम और अन्य मेटल्स का लेवल अधिक पाया गया. टेस्ट किए गए 75 फीसदी प्रोडक्ट्स में सीसे की concentration सबसे अधिक थी. इसके अलावा, सभी जांच किए गए लिपस्टिक ब्रांडों में कैडमियम और क्रोमियम की मात्रा भी अधिक पाया गया. इस शोध के परिणाम बताते हैं कि कुछ लिपस्टिक के नियमित उपयोग से शरीर में इन धातुओं का संचय हो सकता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं.

सावधानियां

हालांकि लिपस्टिक में हानिकारक धातुओं की उपस्थिति चिंता का विषय है, फिर भी विशेषज्ञ संभावित खतरों को कम करने के लिए कुछ कदम उठाने का सुझाव देते हैं.

नॉन टॉक्सिक ब्रांड चुनें: विशेषज्ञों का कहना है कि “लीड फ्री” या “नॉन टॉक्सिक” लेबल वाली लिपस्टिक चुनें.

प्रोडक्ट डिटेल्स जरूर पढ़ें: यह सुझाव दिया जाता है कि लिप प्रोडक्ट में इस्तेमाल प्रोडक्ट डिटेल्स के बारे में जागरूक रहें तथा ऐसे उत्पादों से बचें जिनमें हानिकारक मेटल्स हों.

इस्तेमाल सीमित करें: रोजाना लिपस्टिक लगाने से बचें और जितना हो सके, इसका इस्तेमाल कम करें. खाने से पहले लिपस्टिक हटाने की भी सलाह दी जाती है.

ऑप्शन: विशेषज्ञ कहते हैं कि चुकंदर पाउडर या कोकोआ मक्खन जैसी नेचुरल सामग्री का उपयोग करके अपना खुद का लिप कलर बनाएं और इस्तेमाल करें.

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