पूर्णिया में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां ऑनलाइन गेमिंग की लत और पढ़ाई के तनाव ने एक 22 वर्षीय छात्र की जान ले ली. सहरसा का रहने वाला पारस कुमार पॉलिटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था और परीक्षा में फेल होने के बाद मानसिक तनाव में था.
बिहार के पूर्णिया में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. ऑनलाइन गेमिंग की लत और परीक्षा में फेल होने के तनाव ने एक छात्र की जान ले ली. पॉलिटेक्निक कॉलेज के थर्ड सेमेस्टर में पढ़ने वाले 22 वर्षीय पारस कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. वह सहरसा जिले का रहने वाला था और पूर्णिया के केपी मार्केट गली में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रहा था.
डेढ़ साल से गेमिंग की गिरफ्त में, डेढ़ लाख गंवाए
परिजनों के मुताबिक पारस पिछले डेढ़ साल से ऑनलाइन गेमिंग का शिकार था. शुरुआत में यह शौक था, लेकिन जल्द ही यह लत बन गई. उसने इस गेमिंग में करीब डेढ़ लाख रुपए गंवा दिए. पढ़ाई के लिए घर से जो पैसे आते, वह भी इसी में खर्च कर देता था.
पिछले साल परीक्षा में फेल, इस बार टेंशन में था
पारस पिछले साल थर्ड सेमेस्टर की परीक्षा में चार विषयों में फेल हो गया था. इस बार जून में फिर से परीक्षा थी और वह पास होने का वादा कर रहा था. परिवार से फोन पर आखिरी बातचीत गुरुवार रात हुई थी, जब उसने गैस खत्म होने की बात कहकर 1000 रुपए मंगवाए. पिता ने उसे 5000 और भेजे थे, जिनमें से 4500 रुपए उसने एक दोस्त को देने की बात कही थी.
कमरे का दरवाजा नहीं खोला, दोस्तों को हुआ शक
घटना वाले दिन शुक्रवार को दोपहर 2 बजे तक जब पारस ने कमरा नहीं खोला, तो उसके दोस्तों और मकान मालिक को अनहोनी का शक हुआ. पुलिस को सूचना दी गई और जब दरवाजा तोड़ा गया तो पारस फंदे से लटका मिला. एफएसएल टीम ने मौके से कई अहम साक्ष्य जुटाए हैं.
परिजनों ने पोस्टमॉर्टम से किया इनकार
सहरसा से रात तक पारस के माता-पिता पूर्णिया पहुंचे और भावुक माहौल में पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया. पुलिस ने लिखित सहमति के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया.
