रांची: अपने बयानों से लगातार विवादों में बने रहने वाले झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अप्रैल महीने से झारखंड में होनेवाले मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर एक बार फिर विवादित बयान दिया है. स्वास्थ्य, आपदा और खाद्य आपूर्ति मंत्री जैसे संवैधानिक पद पर विराजमान होने के बावजूद डॉ. इरफान अंसारी ने झारखंड में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा कराए जाने वाले SIR का विरोध करने की घोषणा की है.
झारखंड में SIR का होगा पुरजोर विरोध- इरफान अंसारी
शनिवार को झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही में भाग लेने के बाद मीडिया से मुखातिब डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा के काले कारनामे का नाम SIR है. इसका राज्य में पुरजोर विरोध किया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर सिर्फ राजनीति की जा रही है और इसका सीधा फायदा भाजपा को मिल रहा है. सही व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से काटकर भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाया जा रहा है
गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दुमका में गुरुजी को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि वे निशिकांत दुबे को झारखंडी नहीं मानते हैं. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड राज्य का अस्तित्व ही गुरुजी की वजह से है. अगर गुरुजी नहीं होते, तो झारखंड अलग राज्य नहीं बन पाता, इसलिए निशिकांत दुबे को गुरुजी का पैर पकड़कर माफी मांगनी चाहिए. स्वास्थ्य मंत्री ने फिर दोहराया कि निशिकांत दुबे को जितना उड़ना है उड़ लें, लेकिन उन्हें 2029 में हम गोड्डा से सांसद नहीं बनने देंगे.
“स्पीकर से आग्रह, बंद कर दें सदन की कार्यवाही”
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने बजट सत्र के दौरान बड़ी संख्या में भाजपा विधायकों की अनुपस्थिति पर दुख जताते हुए कहा कि वह तो विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह करेंगे कि वह सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दें. उन्होंने कहा कि दरअसल इस राज्य में भाजपा और उनके नेता मुद्दाविहीन हो चुके हैं. उन्हें राज्य के विकास से कोई मतलब नहीं रह गया है.


