एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के चलते मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने सुस्त शुरुआत की. ट्रेडिंग सेशन के शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में फिसल गए. वैश्विक स्तर पर कमजोर सेंटिमेंट और निवेशकों की सतर्कता ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया.
बीएसई सेंसेक्स लगभग 200 अंकों की गिरावट के साथ 85,025 के आसपास खुला और शुरुआती मिनटों में गिरावट और गहराकर करीब 300 अंकों तक पहुंच गई. इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी दबाव में नजर आया और 95 अंक या करीब 0.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,935 के आसपास ट्रेड करता दिखा.
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, निफ्टी फिलहाल 25,900 से 26,100 की कंसोलिडेशन रेंज में बना हुआ है, जो बाजार में अनिश्चितता और सीमित दायरे में कारोबार को दर्शाता है. तकनीकी जानकारों का कहना है कि ऊपर की ओर 26,150 से 26,200 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है. यदि इस स्तर के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट होता है, तो निफ्टी 26,300 तक की तेजी दिखा सकता है. वहीं, नीचे की ओर 25,900 और 25,850 के स्तर शॉर्ट टर्म सपोर्ट के रूप में अहम बने हुए हैं.
सेंसेक्स के 30 शेयरों में इटरनल (पूर्व में जोमैटो) शुरुआती कारोबार में सबसे बड़ा लूज़र बनकर उभरा, जिसमें लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा, एक्सिस बैंक, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस और टाइटन जैसे दिग्गज शेयरों में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला.
हालांकि, कुछ शेयरों ने बाजार को सीमित समर्थन देने की कोशिश की. भारती एयरटेल शुरुआती कारोबार में 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ हरे निशान में ट्रेड करता नजर आया.
बाजार की कमजोरी केवल फ्रंटलाइन इंडेक्स तक सीमित नहीं रही. बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगभग 0.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे, जिससे व्यापक बाजार में भी दबाव साफ नजर आया. सेक्टोरल आधार पर देखें तो मेटल और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली.
एशियाई बाजारों की बात करें तो ज्यादातर प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में रहे. जापान का निक्केई 225 करीब 1.27 प्रतिशत गिरा, जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी लगातार दूसरे सत्र में 0.75 प्रतिशत टूट गया. वहीं, ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स लगभग सपाट कारोबार करता दिखा. वॉल स्ट्रीट में आई गिरावट और अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों से फंड्स की निकासी ने वैश्विक निवेशक सेंटिमेंट को कमजोर किया.
सोमवार को घरेलू निवेश गतिविधियों में मिला-जुला रुख देखने को मिला. विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 1,427.57 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 1,734.91 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदकर बाजार को कुछ सहारा दिया.


