बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के सिरसिया थाने के गरभुआ बाबू टोला में उधार रुपये मांगने को लेकर पिता-पुत्र ने गांव के ही हृदय किशोर मिश्रा (45) की ट्रैक्टर से रौंद कर हत्या कर दी. घटना रविवार की है. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल हो गया. पुलिस लगातार कैंप कर रही है.
बेतिया के सिरसिया थाने के गरभुआ बाबू टोला में उस वक्त अफरा तफरी मच गयी, जब उधार का पैसा नहीं देने पर एक ट्रैक्टर वाला ने उसे कुचल दिया. घटना की जानकारी मिलते ही सिरसिया पुलिस दलबल के साथ पहुंची और जांच में जुट गयी. बेतिया से एफएसएल की टीम ने घटनास्थल पर पहुंच कर नमूना एकत्रित किया. एसडीपीओ-1 विवेक दीप ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया हत्या का प्रतीत होता है. शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है. घटना में प्रयुक्त ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है. आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीम छापेमारी कर रही है
घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल
मृतक के बड़े भाई विपिन मिश्र ने बताया कि हृदयकिशोर मिश्रा रविवार को सुबह सिरसिया के गरभुआ बाबू टोला में अपने दरवाजे पर खड़े थे. तभी गांव का जयप्रकाश यादव अपना ट्रैक्टर लेकर घर जा रहा था. हृदयकिशोर मिश्रा ने जयप्रकाश यादव को रोका. उन्होंने अपना दिया हुआ रुपया वापस मांगा. यह बात जयप्रकाश को नागवार लगी. आरोप है कि उसने ट्रैक्टर से उतर हृदयकिशोर मिश्रा पर पहले कुदाल से हमला कर दिया. इससे वह घायल होकर सड़क पर गिर गए. फिर मौके पर पहुंचा जयप्रकाश का पुत्र विशाल यादव ने हृदयकिशोर पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया. घटना के बाद दोनों ट्रैक्टर लेकर फरार हो गए. सिरसिया के प्रभारी थानाध्यक्ष लालदेव दास ने शव का पोस्टमार्टम कराने जीएमसीएच बेतिया पहुंचे. वहां आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग कर परिजनों ने पोस्टमार्टम से इंकार कर दिया. इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है.
गांव में दिन भर कैंप करती रही पुलिस
आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने को लेकर गांव में तनाव का माहौल बन गया. जीएमसीएच में एसडीपीओ विवेक दीप पहुंचे. परिजनों को समझा बुझाकर शांत कराया. तब जाकर शव का पोस्टमार्टम कराया जा सका. माहौल बिगड़ते देख घटनास्थल पर पुलिस उपाधीक्षक (यातायात) रंजन कुमार सिंह, पुलिस उपाधीक्षक (रक्षीत) देवानंद राउत, मझौलिया थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्रा, तकनीकी सेल के प्रभारी नरेश कुमार, सब इंस्पेक्टर खुशबू कुमारी समेत अतिरिक्त पुलिस बलों ने पहुंच गुस्साए लोगों को शांत कराया. घटना के बाद से शाम तक पुलिस गांव में कैंप करती रही. पीड़ित के परिवार में कोहराम मचा हुआ है. उसकी पत्नी रीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है


