पटना। नवगठित उच्च शिक्षा विभाग का स्वरूप सामने आ चुका है। इसमें सृजित कुल 161 पदों पर अब अधिकारियों, प्रशाखा पदाधिकारियों और लिपिकों का पदस्थापन होना है जिसमें उच्च शिक्षा सचिव के पद पर पदस्थापन हो चुकी है। शेष 160 पदों पर पदस्थापन के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया था, जहां से स्वीकृति मिल गई है।
उच्च शिक्षा विभाग के लिए सृजित किए गए कुल 161 पदों में एक पद भारतीय प्रशासनिक सेवा के अपर मुख्य सचिव अथवा प्रधान सचिव अथवा सचिव के हैं। इस पद पर सचिव की पोस्टिंग हो चुकी है। शेष 160 पदों में विशेष सचिव के एक पद भी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी के हैं। तीन पद बिहार प्रशासनिक सेवा के हैं। इनमें अपर सचिव एवं संयुक्त सचिव के एक-एक पद तथा उप सचिव के दो पद हैं।
उप सचिव के तीन, अवर सचिव के सात, प्रशाखा पदाधिकारी के 16 एवं सहायक प्रशाखा पदाधिकारी के 48 पद बिहार सचिवालय सेवा के हैं। इसके साथ ही आंतरिक वित्तीय सलाहकार के एक पद, प्रधान आप्त सचिव के एक पद, आप्त सचिव के तीन पद, सहायक आंतरिक वित्तीय सलाहकार के एक पद, निजी सहायक के तीन पद, आशुलिपिक के सात पद, उच्च वर्गीय लिपिक के 11 पद, निम्न वर्गीय लिपिक के 19 पद, चालक के छह पद, कार्यालय परिचारी के 28 पद एवं आई. टी. मैनेजर के एक पद हैं।
डाटा इंट्री आपरेटर एवं अन्य कर्मियों की सेवा आवश्यकता के हिसाब से बेल्ट्रान के माध्यम से आउटसोर्सिंग के आधार पर ली जानी है। फिलहाल उच्च शिक्षा विभाग को जगह और अधिकारी-कर्मचारी मिलने का इंतजार है। इसलिए कि उच्च शिक्षा विभाग को अब तक न तो जगह मिली है और न ही सचिव के अलावे अधिकारी-कर्मचारी ही मिले हैं।
अलग विभाग बनने के बाद जगह उपलब्ध कराने के लिए भवन निर्माण विभाग को एवं सृजित पदों के विरुद्ध अधिकारी-कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए सामान्य प्रशासन विभाग को पत्र लिखा गया। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा दोनों विभागों को अब तक दो-दो बार स्मारित पत्र भी भेजा जा चुका है।


