ईरान-इजराइल युद्ध का असर अब खेल पर भी पड़ना शुरू हो गया है. इस जंग की वजह से ईरान ने 12 जून से अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में शुरू होने वाले फीफा वर्ल्ड कप से हटने का फैसला किया है. ईरान के स्पोर्ट्स मिनिस्टर अहमद डोनियामाली ने नेशनल फुटबॉल टीम को अमेरिका में भेजने से मना कर दिया है.
फुटबॉल टीम को अमेरिका भेजना मुमकिन नहीं
स्पोर्ट्स मिनिस्टर ने कहा कि तीन महीने के अंदर नेशनल फुटबॉल टीम को अमेरिका भेजना मुमकिन नहीं है. उन्होंने लोकल मीडिया आउटलेट से कहा, ‘अमेरिका के हमले में हमारे लीडर की जान चली गई. हमारे लिए किसी भी हाल में वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना मुमकिन नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘देश में हमारे बच्चे इस समय सुरक्षित नहीं हैं. ऐसे में वर्ल्ड कप नहीं खेला जा सकता. उन्होंने पिछले आठ-नौ महीनों में दूसरी बार हमारे खिलाफ जंग छेड़ी है और हजारों आम लोगों को मार डाला है. इसलिए, वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने की कोई उम्मीद नहीं है.’
ईरान-इजराइल युद्ध
बता दें कि ये जंग तब शुरू हुई जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर अटैक कर दिया. जिसमें में ईरान के सबसे बड़े धार्मिक नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई दूसरे बड़े नेता की जान चली गई. इसके जवाब में ईरान ने पूरे मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों में अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर काउंटर अटैक कर रहा है. इस युद्ध के अब तक 12 दिन हो चुके हैं. जिसमें ईरान के 1300 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
फीफा वर्ल्ड कप में ईरान के मैच
फीफा वर्ल्ड कप 2026 अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेला जाना है. जिसमें ईरान को अपने सभी ग्रुप स्टेज मैच न्यूजीलैंड, बेल्जियम और मिस्र के खिलाफ अमेरिका में हीं खेलने हैं. ईरान को 16 जून को लॉस एंजिल्स में कीवी टीम के खिलाफ अपना कैंपेन शुरुआत करनी थी. लेकिन स्पोर्ट्स मिनिस्टर के ऐलान के बाद, वह उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी है.
इससे पहले अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने चल रहे युद्ध के बावजूद वर्ल्ड कप में ईरानी टीम के स्वागत करने की बात कही थी. वहीं वर्ल्ड फुटबॉल की गवर्निंग बॉडी के प्रेसिडेंट जियानी इन्फेंटिनो ने भी ईरान का वर्ल्ड कप में स्वागत किया है.
ईरान की जगह कौन सी टीम होगी?
अब यह देखना बाकी है कि FIFA ईरान के वर्ल्ड कप से हटने पर क्या एक्शन लेता है. साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि कौन सी टीम रिप्लेसमेंट के तौर पर वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगी. हालांकि, क्वालीफाई करने के सबसे करीब पड़ोसी देश इराक है.


