Wednesday, March 11, 2026

ईरान-इजरायल युद्ध से LPG संकट गहराया, इंडक्शन स्टोव की मांग 20 गुना बढ़ी क्विक कॉमर्स पर स्टॉक खत्म और संबंधित कंपनियों के शेयर उछले.

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नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया है. इसका सीधा असर भारत की रसोई तक पहुँच गया है. देश के अधिकांश शहरों में एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की किल्लत और आपूर्ति में देरी के कारण अब आम जनता खाना पकाने के लिए बिजली से चलने वाले ‘इंडक्शन स्टोव’ की ओर रुख कर रही है. हालात यह हैं कि पिछले 24 घंटों में इंडक्शन स्टोव की मांग में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

क्विक कॉमर्स और ई-कॉमर्स पर स्टॉक खत्म
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एलपीजी की संभावित कमी के डर से लोगों ने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे ब्लिंकिट (Blinkit), जेप्टो (Zepto) और स्विगी इंस्टामार्ट (Instamart) पर भारी मात्रा में इंडक्शन स्टोव ऑर्डर करना शुरू कर दिया है.

इंस्टामार्ट के अधिकारियों के मुताबिक, सामान्य दिनों की तुलना में इंडक्शन कुकटॉप्स की बिक्री में 10 गुना की वृद्धि हुई है.

अमेज़न पर पिछले 24 घंटों में मांग 20 गुना तक बढ़ गई है, जबकि फ्लिपकार्ट ने पिछले 4-5 दिनों में बिक्री में 3 गुना उछाल देखा है.

बिग बास्केट ने अपनी मासिक पूर्वानुमान क्षमता को तीन गुना करने की तैयारी शुरू कर दी है क्योंकि सोमवार से बिक्री में 5 गुना वृद्धि हुई है.

वर्तमान स्थिति यह है कि इन प्लेटफॉर्म्स पर भारी छूट के बावजूद अधिकांश मॉडल ‘आउट ऑफ स्टॉक’ हो चुके हैं और केवल कुछ प्रीमियम विकल्प ही उपलब्ध बचे हैं.

सरकार के सख्त कदम और नियम
गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है. अब सिलेंडर बुक करने की न्यूनतम प्रतीक्षा अवधि 15 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है. इसके अलावा, कमर्शियल गैस आपूर्ति पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे कई रेस्टोरेंट और होटल अस्थायी रूप से बंद होने की कगार पर हैं या वे पूरी तरह से इलेक्ट्रिक उपकरणों पर निर्भर हो गए हैं.

शेयर बाजार में कंपनियों की चांदी
इस संकट ने किचन अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में जान फूंक दी है. बुधवार सुबह TTK प्रेस्टीज (TTK Prestige) के शेयरों में 13% से अधिक की तेजी देखी गई. वहीं, हॉकिन्स कुकर्स के शेयर 7% और बजाज इलेक्ट्रिकल्स के शेयर लगभग 2% तक चढ़ गए हैं. निवेशकों को उम्मीद है कि आने वाली तिमाहियों में इन कंपनियों का मुनाफा रिकॉर्ड स्तर पर रहेगा.

भारत अपनी एलपीजी जरूरतों के लिए काफी हद तक आयात पर निर्भर है. युद्ध के कारण समुद्री रास्तों में बाधा और वैश्विक कीमतों में उछाल ने घरेलू आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में बिजली से चलने वाले अन्य उपकरणों जैसे इलेक्ट्रिक केतली और माइक्रोवेव की मांग में भी भारी बढ़ोतरी हो सकती है.

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