इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम को और कारगर कैसे बनाया जाए, इसे लेकर डीजीपी अनुराग गुप्ता ने निर्देश जारी किए हैं.
रांची: झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम को लेकर कई निर्देश जारी किए हैं. खासकर डायल 112 को और बेहतरीन और उसके रिस्पांस टाइम को और कारगर करने का निर्देश डीजीपी ने दिया है ताकि पुलिस से मदद मांगने वाले लोगों को त्वरित मदद मिल सके.
डीजीपी ने की समीक्षा
झारखंड पुलिस मुख्यालय में शुक्रवार को डीजीपी अनुराग गुप्ता ने ERSS यानी इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम और डायल 112 की सेवाओं को लेकर समीक्षा की. समीक्षा में विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, वृद्धों को आपातकालिन परिस्थितियों में त्वरित सहायता प्रदान करने के साथ-साथ एम्बुलेंस और फायर बिग्रेड सेवाओं को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया.
डायल 112 के मद्देनजर आपातकालीन स्थिति में त्वरित सहायता पहुंचाने के लिए निम्नांकित निर्देश दिये गये
- अपराध की वारदात, आग लगने, दुर्घटना, महिला उत्पीड़न, घरेलु हिंसा, बाल अपराध, मेडिकल इमरजेंसी जैसी सूचना डायल 112 पर मिलने पर त्वरित गति से कार्रवाई करना सुनिश्चित करना.
- प्रत्येक जिले में नोडल पदाधिकारी (पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी) डायल 112 की नियमित समीक्षा करेंगे. साथ ही आपातकालीन सेवाओं को डायल-112 से जोड़ने के लिए वांछित कार्रवाई करना सुनिश्चित करेंगे.
- आम जनता के बीच डायल-112 के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सार्वजनिक स्थल के साथ-साथ ऑटो रिक्शा, सिटी बस, महिला महाविद्यालय, बैंक, अस्पताल, एटीएम, कोचिंग सेंटर और विद्यालय आदि स्थानों क्यूआर कोड लगाएं.
- डायल-112 में हुए कार्रवाई के संबंध में सभी जिला के नोडल पदाधिकारी यथा-पुलिस उपाधीक्षक फीडबैक लेना सुनिश्चित करेंगे.
- CDAC के पदाधिकारी ERSS (Emergency Response Support System) और Dial-112 की उपयोगिता को तकनीकि रूप से और बेहतर करने का प्रयास करेंगे.