हस्तिनापुर। कस्बे में स्थित कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति व समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के चौथे दिन विधानाचार्य नीतेश एवं दीपक शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। स्वर्ण कलश से अभिषेक करने का सौभाग्य विकास जैन, विकल्प जैन और शांतिधारा करने का सौभाग्य रमेश जैन को प्राप्त हुआ। दीप का प्रज्ज्वलन रमेश जैन, वर्षा जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया।
भगवान आदिनाथ के पूजन के बाद तीर्थंकरों को 48 अर्घ्य चढ़ाए गए। 70 परिवारों की ओर से विधान का आयोजन कराया गया। विधान के मध्य भाव भूषण महाराज ने कहा कि विधान काम, क्रोध, मद, लोभ से बचाकर सुख की अनुभूति कराने वाला है। हमें कोई भी ऐसा अवसर नहीं छोड़ना चाहिए, जिससे हम अपना आत्म कल्याण न कर सकें। पुण्य के कार्य पहले करने चाहिएं, क्योंकि पाप तो जाने-अनजाने हर क्षण मानव कर रहा है, परंतु सद्कर्म करने के मौके बहुत कम मिलते हैं।
विधान का विसर्जन अंशुल जैन व प्रीति जैन ने किया। पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्ज्वलन सचिन जैन, पूर्वी जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन अनिल जैन, चौबीसों भगवान की आरती का दीप प्रज्ज्वलन इंद्रकुमार जैन द्वारा किया गया। प्रश्नमंच के बाद विजेताओं को विपिन जैन, अर्चित जैन व मोनिका जैन की ओर से पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम को सफल बनाने में क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेंद्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, आदीश्वर प्रसाद जैन, अनिल कुमार जैन कक्कू, धनप्रकाश जैन, अनिल जैन का सहयोग रहा



