आज 04 अप्रैल, 2026 शनिवार, के दिन वैशाख महीने की कृष्ण पक्ष द्वितिया तिथि है. इस तिथि के देवता वायु है, जो धरती पर मौजूद हवा के देवता हैं. यह तिथि नए भवन निर्माण के साथ तीर्थयात्रा करने के लिए अच्छी मानी जाती है.
4 अप्रैल का पंचांग :
- विक्रम संवत : 2082
- मास : वैशाख
- पक्ष : कृष्ण पक्ष द्वितिया
- दिन : शनिवार
- तिथि : कृष्ण पक्ष द्वितिया
- योग : हर्शन
- नक्षत्र : स्वाति
- करण : गर
- चंद्र राशि : तुला
- सूर्य राशि : मीन
- सूर्योदय : 06:08:00 AM
- सूर्यास्त : 06:41:00 PM
- चंद्रोदय :21:04:28
- चंद्रास्त : 07:31:06
- राहुकाल : 09:16 से 10:50
- यमगंड : 13:58 से 15:32
आज का नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा तुला राशि और स्वाति नक्षत्र में रहेगा. यह नक्षत्र तुला राशि में 6:40 से 20:00 डिग्री तक फैला है. इसका शासक ग्रह राहु है और देवता वायु. यह अस्थायी प्रकृति का नक्षत्र है, इसलिए आज का दिन परिवर्तनशील और गतिशील कार्यों के लिए अनुकूल माना जाएगा. यात्रा, नए लोगों से संपर्क बढ़ाने और व्यापार से जुड़े कार्यों में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं, हालांकि स्थायी निर्णय लेते समय सावधानी और सोच-समझकर कदम उठाना अधिक लाभकारी रहेगा.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 09:16 से 10:50 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम से भी परहेज करना चाहिए.


