चैत्र शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि ज्यादातर कार्यों के लिए अशुभ मानी जाती है. विस्तार से जानिए.
आज 05 अप्रैल, 2025 शनिवार, के दिन चैत्र महीने की शुक्ल पक्ष अष्टमी तिथि है. इस तिथि पर माता दुर्गा का शासन है. इस दिन पितृ पूजा की जा सकती है, लेकिन अधिकांश कार्यों के लिए अशुभ तिथि मानी जाती है. आज मासिक दुर्गाष्टमी है. आज रवि योग भी बन रहा है.
5 अप्रैल का पंचांग
- विक्रम संवत : 2081
- मास : चैत्र
- पक्ष : शुक्ल पक्ष अष्टमी
- दिन : शनिवार
- तिथि : शुक्ल पक्ष अष्टमी
- योग : अतिगंड
- नक्षत्र : पुनर्वसु
- करण : विष्टि
- चंद्र राशि : मिथुन
- सूर्य राशि : मीन
- सूर्योदय : सुबह 06:28 बजे
- सूर्यास्त : शाम 06:56 बजे
- चंद्रोदय : सुबह 11.41 बजे
- चंद्रास्त : देर रात 2.19 बजे (6 अप्रैल)
- राहुकाल : 09:35 से 11:09
- यमगंड : 14:15 से 15:49
नया वाहन खरीदने के लिए उपयुक्त है नक्षत्र
आज के दिन चंद्रमा मिथुन राशि और पुनर्वसु नक्षत्र में रहेंगे. यह नक्षत्र मिथुन राशि में 20:00 से लेकर कर्क राशि के 3:20 तक फैला हुआ है. इसकी अधिष्ठात्री देवी अदिति हैं और इस नक्षत्र के स्वामी ग्रह बृहस्पति हैं. नया वाहन खरीदने या सर्विसिंग कराने के अलावा यात्रा और पूजा के लिए यह नक्षत्र अच्छा है. यह एक अस्थायी, तेज और गतिशील प्रकृति का तारा है. इस नक्षत्र में बागवानी करने, जुलूस में जाने, मित्रों से मिलने का कार्य भी किया जा सकता है.
आज के दिन का वर्जित समय
आज के दिन 09:35 से 11:09 बजे तक राहुकाल रहेगा. ऐसे में कोई शुभ कार्य करना हो, तो इस अवधि से परहेज करना ही अच्छा रहेगा. इसी तरह यमगंड, गुलिक, दुमुहूर्त और वर्ज्यम् से भी परहेज करना चाहिए.