आजकल हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या एक आम हेल्थ चैलेंज बन गई है, जिससे सीधे तौर पर तेजी से वजन बढ़ना, दिल की बीमारी, डायबिटीज और मोटापा जैसी समस्याएं हो रही है. हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या से जूझ रहे लोग कुछ भी खाने से पहले दो बार जरूर सोचते हैं. उन्हें डर रहता है कि अगर उन्होंने कुछ खाया तो उनका कोलेस्ट्रॉल और बढ़ जाएगा. जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ होता है, उनके लिए अपनी डाइट को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक है, क्योंकि गलत खान-पान की वजह से कोलेस्ट्रॉल का स्तर तेजी से बढ़ सकता है.
दूध को लेकर अक्सर यह सवाल पूछा जाता है कि क्या यह हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों के लिए सुरक्षित है? अध्ययनों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय के आधार पर, आइए जानते हैं कि क्या हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग रोजाना दूध पी सकते हैं? और अगर कोई हर दिन दूध पीता है, तो इसका क्या असर होता है?

दूध में न्यूट्रिएंट्स
दूध को एक कम्प्लीट फूड माना जाता है. इसमें कैल्शियम, विटामिन A, B2, B12, और D के साथ-साथ कई मिनरल्स भी होते हैं. कुछ लोग रोजाना दूध पीना पसंद करते हैं. एक कप दूध में लगभग 150 कैलोरी, 8 ग्राम प्रोटीन और 8 ग्राम फैट होता है. जिन लोगों को कोलेस्ट्रॉल की दिक्कत है, वे रोजाना एक कप स्किम्ड मिल्क पी सकते हैं, क्योंकि स्किम्ड मिल्क में लगभग 66 कम कैलोरी होती हैं. इसमें फैट बहुत कम होता है, फिर भी इसके प्रोटीन, विटामिन और मिनरल कंटेंट से कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं होता है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, जो लोग अपना कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करना चाहते हैं, उन्हें हर दिन 12 ग्राम से कम सैचुरेटेड फैट लेना चाहिए. जो लोग बिना दवा के अपना कोलेस्ट्रॉल कम करना चाहते हैं, उन्हें इस तरह के डाइटरी सेल्फ-रेगुलेशन का सख्ती से पालन करने की सलाह दी जाती है.
खराब कोलेस्ट्रॉल बनाम अच्छा कोलेस्ट्रॉल

2018 में ‘यूरोपियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन‘ में एक स्टडी पब्लिश हुई थी. इसके मुताबिक, स्टडी में शामिल कुछ लोगों ने तीन हफ्ते तक रोजाना स्किम्ड मिल्क (कम फैट वाला दूध) पिया, जबकि कुछ ने रेगुलर दूध (फुल-फैट मिल्क) पिया. तीन हफ्ते बाद, एक छोटा सा बदलाव किया गया. स्किम्ड मिल्क पीने वालों ने रेगुलर दूध पीना शुरू कर दिया. जो लोग फुल-फैट मिल्क पीते थे, उन्होंने तीन हफ्ते तक सिर्फ स्किम्ड मिल्क पिया. रेगुलर दूध पीने वालों में अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) के लेवल में बढ़ोतरी देखी गई. हालांकि, जो लोग स्किम्ड मिल्क या फुल-फैट मिल्क पीते थे, उनमें बैड कोलेस्ट्रॉल में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई. इससे यह साबित होता है कि दूध बैड कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ाता है.
2022 में ‘PLOS One’ जर्नल में एक स्टडी रिपोर्ट पब्लिश हुई थी. इसमें बच्चों में मोटापा कम करने के लिए अपनाई जाने वाली डाइट के बारे में बताया गया था. स्टडी में हिस्सा लेने वाले कुछ बच्चों को हरी सब्जियां, बीफ और डेयरी बटर जैसे प्रोसेस्ड फूड कम दिए गए. उन्हें हर दिन एवरेज 10 औंस सादा दूध भी दिया गया. इस स्टडी में हिस्सा लेने वाले बच्चों के दूसरे ग्रुप को रेगुलर खाना दिया गया. कुछ महीनों के बाद, बच्चों के दूसरे ग्रुप को भी कम प्रोसेस्ड फूड दिए गए. स्टडी से पता चला कि दूसरे ग्रुप में अच्छे कोलेस्ट्रॉल (HDL) का लेवल काफी बढ़ गया. इतना ही नहीं, उनका कोलेस्ट्रॉल या HDL कोलेस्ट्रॉल रेश्यो भी कम हो गया.

ज्यादा फैट वाला दूध पीने से बचें
न्यूट्रिशन एंड मेटाबॉलिज्म मैगजीन में प्रकाशित में ‘2021 मेटा-एनालिसिस’ रिपोर्ट में कई जरूरी बातें बताई गई हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि कम फैट वाला दूध पीने से सेहत को फायदा होता है. अध्ययन में कहा गया है कि ज्यादा फैट वाला दूध पीने से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है. रोजाना कम फैट वाला दूध पीने से सेहत को कोई बड़ा खतरा नहीं होता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कम फैट वाला दूध पीने से कोलोरेक्टल कैंसर और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा कम होता है. इसमें यह भी कहा गया है कि रोजाना 7 औंस दूध पीने से मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा 13 परसेंट और मोटापे का खतरा 16 परसेंट कम होता है. दूध पीने से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा 40 परसेंट तक कम होता है. वैसे तो, दूध पीना सेहत के लिए अच्छा है. इसके अलावा, यह अच्छे कोलेस्ट्रॉल के लिए भी फायदेमंद है.


