अपना खुद का स्टार्टअप या छोटा व्यवसाय शुरू करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. केंद्र सरकार की सबसे लोकप्रिय योजनाओं में से एक, पीएम मुद्रा योजना (PMMY), अब उद्यमियों को उनकी आर्थिक बाधाएं दूर करने के लिए पहले से दोगुना ऋण प्रदान कर रही है. वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में किए गए बड़े बदलाव के बाद, अब इस योजना के तहत मिलने वाली लोन राशि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है. यह कदम उन उद्यमियों के लिए संजीवनी साबित हो रहा है जो अपने कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाना चाहते हैं.
लोन की श्रेणियों में बड़ा बदलाव
अब तक मुद्रा योजना को तीन श्रेणियों—शिशु, किशोर और तरुण—में बांटा गया था. लेकिन बढ़ती जरूरतों को देखते हुए अब एक नई चौथी श्रेणी जोड़ी गई है:
- शिशु: नए स्टार्टअप और छोटे व्यापारियों के लिए ₹50,000 तक का ऋण.
- किशोर: ₹50,000 से लेकर ₹5 लाख तक का ऋण, उन व्यवसायों के लिए जो विस्तार की ओर हैं.
- तरुण: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक का ऋण.
- तरुण प्लस (Tarun Plus): यह नई श्रेणी ₹10 लाख से ₹20 लाख तक का ऋण प्रदान करती है. यह विशेष रूप से उन उद्यमियों के लिए है जिन्होंने पहले ‘तरुण’ श्रेणी का ऋण सफलतापूर्वक चुकाया है और अब अपने उद्योग को बड़े पैमाने पर ले जाना चाहते हैं.
योजना की सबसे बड़ी खासियत: बिना गारंटी लोन
मुद्रा योजना की सबसे लोकप्रिय विशेषता इसका ‘कोलैटरल-फ्री होना है. यानी आवेदक को लोन लेने के लिए बैंक के पास अपनी जमीन, सोना या कोई अन्य संपत्ति गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होती. सरकार की ओर से सूक्ष्म इकाई ऋण गारंटी कोष (CGFMU) इन ऋणों की गारंटी देता है, जिससे बैंकों के लिए छोटे व्यापारियों को पैसा देना आसान हो जाता है.
आवेदन प्रक्रिया हुई पूरी तरह डिजिटल
2026 में भ्रष्टाचार को खत्म करने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह पेपरलेस और डिजिटल बना दिया गया है. अब आवेदक सीधे JanSamarth पोर्टल पर जाकर अपनी पात्रता जांच सकते हैं. यहाँ एक ही आवेदन से कई बैंक आपके बिजनेस प्लान को देखते हैं और आपको ऑफर देते हैं. इसके अलावा Udyamimitra के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है. ज्यादा जानकारी https://www.mudra.org.in/ पर ले सकते हैं.
कौन उठा सकता है लाभ?
कोई भी भारतीय नागरिक जिसके पास आय सृजन करने वाला बिजनेस प्लान है, वह इस लोन के लिए पात्र है. इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- छोटे विनिर्माण (Manufacturing) इकाइयां.
- दुकानदार, फल और सब्जी विक्रेता.
- सेवा क्षेत्र के व्यवसाय (जैसे सैलून, जिम, रिपेयरिंग शॉप).
- खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) उद्योग.
आवश्यक दस्तावेज और ब्याज दरें
आवेदक के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजनेस का पता (उद्यम रजिस्ट्रेशन), और पिछले 6-12 महीनों का बैंक स्टेटमेंट होना अनिवार्य है. ब्याज दरें बैंक के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं, जो आमतौर पर 8.5% से 12% के बीच रहती हैं.


