गिरिडीहः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं की फजीहत हो गई. कार्यकर्ता तालबंदी करने और प्रदर्शन करने पहुंचे थे. एक तो न सिर्फ आंदोलन खत्म हुआ बल्कि कार्यकर्ताओं को पुलिस की गाड़ी पर बैठाकर कॉलेज परिसर से बाहर किया गया. यह पूरा मामला गिरिडीह महाविद्यालय से जुड़ा है.
दरअसल अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के द्वारा सोमवार को गिरिडीह कॉलेज के प्रशासनिक भवन में तालाबंदी कर दिया गया. इसके बाद विरोध-प्रदर्शन शुरू हुआ. इस बीच कॉलेज प्रबंधन पंहुचा अभाविप कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया गया लेकिन कार्यकर्त्ता मनाने को तैयार नहीं हुए.
एसडीएम-एसडीपीओ के पहुंचते ही माहौल में छाया सन्नाटा
ऐसे में कॉलेज प्रशासन के द्वारा मामले की जानकारी प्रशासन को दी गई. जिसके बाद एसडीएम श्रीकांत यशवंत विस्पुते, एसडीपीओ जीतवाहन उरांव, बेंगाबाद थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस बल के जवान मौके पर पहुंचे. यहां अभाविप कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया. लेकिन आंदोलन कर रहे कार्यकर्ता किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुए. जिसके बाद पुलिस ने अभाविप के चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. हालांकि बाद में सभी को छोड़ दिया गया.
बगैर अनुमति के ही एबीवीपी के छात्र तालाबंदी कर आंदोलन कर रहे थे. दूसरी तरफ नए छात्रों के नामांकन की प्रक्रिया चल रही थी. ताला लगाने से कॉलेज प्रशासन का कार्य बाधित हो गया था. ऐसे में कुछ कार्यकर्त्ता को हिरासत में लिया गया था, जिन्हें पीआर बांड पर छोड़ दिया गया. -श्रीकांत विस्पुते, एसडीएम.
कार्रवाई की निंदा
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि संगठन हमेशा विद्यार्थियों के हितों के लिए आवाज उठाता है. उनका कहना है कि छात्र हित में उठाई गई मांगों को दबाने के लिए कॉलेज प्रशासन द्वारा पुलिस बुलाकर कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. छात्रों का कहना है कि यदि छात्र संगठन ही विद्यार्थियों की समस्याओं को नहीं उठाएंगे तो उनकी आवाज कौन सुनेगा. कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस तरह से छात्र आंदोलनों को दबाने का प्रयास किया गया तो भविष्य में शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित होगी और कॉलेज में अव्यवस्था बढ़ेगी.
एबीवीपी की प्रमुख मांगों में गिरिडीह कॉलेज में पीजी की पढ़ाई शुरू करना, शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बहाली करना, कॉलेज परिसर में असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाना, विद्यार्थियों के लिए शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था करना तथा परिसर में साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है. इस दौरान मौके पर नगर मंत्री नीरज चौधरी, नगर सह मंत्री अनीश रॉय, कॉलेज मंत्री कृष पासवान, कॉलेज उपाध्यक्ष संदीप वर्मा, विवेक कुमार, बिट्टू मोदी, दीपक वर्मा समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे.


