12 फीट की न्यूनतम ऊँचाई के नियम की उड़ रही धज्जियाँ; नगर निगम और प्रशासन की चुप्पी पर भारत सुपरफास्ट न्यूज़ की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।
शहर की प्रमुख सड़कों और चौराहों पर लगाए गए प्रचार होर्डिंग व बैनर अब आम जनता और राहगीरों के लिए गंभीर सुरक्षा जोखिम बनते जा रहे हैं। माननीय उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शहर में कई स्थानों पर बेहद कम ऊँचाई पर होर्डिंग लगाए गए हैं, जो सीधे तौर पर सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।
हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना
माननीय उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक सड़कों के किनारे या ऊपर लगाए जाने वाले किसी भी प्रचार बोर्ड या होर्डिंग की न्यूनतम ऊँचाई जमीन से कम से कम 12 फीट होनी अनिवार्य है। इस नियम का मुख्य उद्देश्य यातायात में किसी प्रकार की बाधा को रोकना और दुर्घटनाओं की आशंका को समाप्त करना है। इसके बावजूद शहर के कई हिस्सों में नियम-कायदों को दरकिनार कर सड़क के बिल्कुल किनारे और कम ऊँचाई पर विज्ञापन बोर्ड लगा दिए गए हैं।
- राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बढ़ा खतरा
- कम ऊँचाई पर लगे ये होर्डिंग विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए अत्यंत खतरनाक हैं:
• दृष्टि में बाधा: कम ऊँचाई पर लगे बोर्ड चालकों का ध्यान भटकाते हैं और मोड़ों पर देखने की क्षमता (line of sight) को प्रभावित करते हैं।
• मौसम का जोखिम: तेज आंधी या बारिश के दौरान इन कमजोर और कम ऊँचे बोर्डों के झुकने या उखड़ने से बड़े हादसों का अंदेशा बना रहता है।
- नगर निगम और नगर विकास विभाग से सीधे सवाल
- भारत सुपरफास्ट न्यूज़ जनता की सुरक्षा के प्रति अपनी जवाबदेही निभाते हुए संबंधित प्रशासन से निम्नलिखित सवाल पूछता है:
- जाँच का जिम्मा किसके पास? यदि 12 फीट की न्यूनतम ऊँचाई का न्यायालयीय निर्देश लागू है, तो शहर में इसकी नियमित जाँच की जिम्मेदारी किस अधिकारी की है?
- सुरक्षा निरीक्षण की स्थिति: क्या इन होर्डिंग्स की ऊँचाई का कोई आधिकारिक माप या सुरक्षा ऑडिट कराया गया है?
- नियमों में पक्षपात क्यों? क्या यह नियम सभी निजी एजेंसियों, राजनीतिक दलों और व्यक्तियों पर समान रूप से लागू किया जा रहा है या चुनिंदा मामलों में ढील दी जा रही है?
- जनता की माँग: तुरंत हो स्थल निरीक्षण और कार्रवाई
- ‘भारत सुपरफास्ट न्यूज़’ यह ग्राउंड रिपोर्ट जनता और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष रख रहा है। नगर निगम और नगर विकास विभाग से अपेक्षा है कि वे इस मामले का तत्काल संज्ञान लें, शहरभर में स्थल निरीक्षण कराकर होर्डिंग्स की वास्तविक ऊँचाई मापें, और जहाँ भी नियमों का उल्लंघन पाया जाए वहाँ अवैध होर्डिंग्स को हटाकर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
जनता की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए — नियम सभी के लिए समान हैं और उनका अनुपालन अनिवार्य होना चाहिए।
