मुंबई: सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों ने हरे निशान में कारोबार की शुरुआत की. पिछले सप्ताह की गिरावट के बाद बाजार में रुख बदला नजर आया. अमेरिका और चीन के शेयर बाजारों में मजबूत तेजी का असर घरेलू बाजार पर भी दिखा, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा.
सेंसेक्स और निफ्टी में शानदार बढ़त
सुबह 9.30 बजे बीएसई सेंसेक्स 507 अंक यानी 0.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 84,436 पर कारोबार करता दिखा. वहीं एनएसई निफ्टी 165 अंक या 0.64 प्रतिशत चढ़कर 26,132 के स्तर पर पहुंच गया. बाजार की यह तेजी व्यापक आधार पर देखने को मिली.
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती
मुख्य सूचकांकों के साथ-साथ व्यापक बाजारों में भी सकारात्मक रुझान रहा. निफ्टी मिडकैप 100 में 0.58 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.51 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशक सभी श्रेणियों के शेयरों में रुचि दिखा रहे हैं.
कौन से शेयर चढ़े, कौन से गिरे
निफ्टी पैक में हिंदाल्को, टेक महिंद्रा और टीसीएस प्रमुख बढ़त दर्ज करने वाले शेयर रहे. दूसरी ओर, एशियन पेंट्स, बजाज फाइनेंस, मैक्स हेल्थकेयर और सिप्ला जैसे शेयरों में कमजोरी देखने को मिली.
सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में
एनएसई के सभी सेक्टोरल सूचकांक हरे निशान में कारोबार कर रहे थे. मेटल सेक्टर करीब 1.48 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे आगे रहा. इसके बाद आईटी सेक्टर में 1.23 प्रतिशत और मीडिया सेक्टर में 0.77 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई.
विश्लेषकों की राय: साल के अंत में रैली की उम्मीद
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार वर्षांत रैली की ओर बढ़ सकता है. रुपये में आई मजबूती और विदेशी संस्थागत निवेशकों की ओर से नकद बाजार में खरीदारी से शॉर्ट कवरिंग को बल मिल सकता है, जिससे सूचकांक और ऊंचे स्तर पर जा सकते हैं.
वैश्विक और एशियाई बाजारों का समर्थन
अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र में मजबूती रही. नैस्डैक 1.31 प्रतिशत, एसएंडपी 500 0.88 प्रतिशत और डॉव जोंस 0.38 प्रतिशत चढ़ा. एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक माहौल रहा. जापान का निक्केई 1.75 प्रतिशत ऊपर रहा, जबकि चीन, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के बाजारों में भी तेजी देखी गई.
रुपये में मजबूती, निवेशकों का भरोसा बढ़ा
विदेशी पूंजी प्रवाह और शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख के चलते रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे मजबूत होकर 89.45 पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमतें 60 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने से भी निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है.


