हजारीबाग: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के द्वारा भारत सरकार ने राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत टीबी का पता लगाने और मृत्यु दर की चुनौतियों से निपटने के उद्देश्य से व्यापक 100 दिवसीय अभियान की शुरुआत की है.
7 दिसंबर से 7 मार्च तक पूरे देश भर में यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है. हजारीबाग में अब तक इस अभियान से 594 टीबी मरीजों को चिन्हित किया गया है. जिसमें 523 मरीज का इलाज शुरू कर दिया गया है.
हजारीबाग जिले को टीबी मुक्त करने के लिए अभियान चल रहा है. 100 दिन के इस अभियान में कई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. स्वास्थ्य कर्मी सुदूरवर्ती क्षेत्रों में जाकर लोगों को इस बारे में जागरूक कर रहे हैं.
ऐसा व्यक्ति जो संदिग्ध है उनका टेस्ट भी किया जा रहा है. ताकि यह पता चल सके कि व्यक्ति संक्रमित तो नहीं है. इसी क्रम में सदर अस्पताल में मीडिया कर्मियों का वर्कशॉप आयोजित किया गया. जिसका उद्देश्य लोगों के बीच जागरूकता लाना है.
कार्यक्रम के दौरान जिला टीबी पदाधिकारी डॉक्टर आरके जायसवाल ने कहा कि टीबी का इलाज संभव है. किसी भी व्यक्ति को यदि ऐसा प्रतीत होता है कि वह टीबी से प्रभावित है तो उसको नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अवश्य टेस्ट करवा लेना चाहिये.
उनका यह भी कहना है कि आम लोगों में भी जागरूकता आनी चाहिए कि किसी व्यक्ति में लक्षण दिखता है तो इसकी जानकारी विभाग को दे. जिले में अब तक 594 टीबी मरीज चिन्हित किये गए हैं. जिसमें 542 मरीज का इलाज शुरू कर दिया गया है.