Ranchi News, 5 November 2026: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने हजारीबाग के उपायुक्त के खिलाफ मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखकर शिकायत की है। एसीबी ने अपने पत्र के साथ हजारीबाग बार एसोसिएशन के शिकायतकर्ता पवन कुमार यादव की ओर से दी गई शिकायत भी संलग्न की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि हजारीबाग के उपायुक्त और संबंधित लोक सूचना पदाधिकारी ने सूचना के अधिकार के तहत मांगे गए लोक दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध नहीं कराईं। शिकायतकर्ता ने इसे भारतीय साक्ष्य अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन बताया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि दस्तावेजों को छिपाया जा रहा है और इससे कथित भ्रष्टाचार एवं घोटालों से जुड़े साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा पद के दुरुपयोग और भू-माफिया तथा कॉरपोरेट संस्थानों से कथित मिलीभगत के आरोप भी लगाए गए हैं। एसीबी ने मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग से मामले में उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
13 अप्रैल को RTI के तहत मांगे गए थे दस्तावेज
शिकायतकर्ता पवन कुमार यादव के अनुसार, उन्होंने 13 अप्रैल 2026 को हजारीबाग उपायुक्त के समक्ष सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत लोक दस्तावेजों के निरीक्षण और उनकी प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने के लिए आवेदन दिया था।
उनका कहना है कि आवेदन में स्पष्ट किया गया था कि मांगे गए दस्तावेज लोक दस्तावेज की श्रेणी में आते हैं और न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने के बाद उन्होंने 6 जून 2026 को उपायुक्त के समक्ष प्रथम अपील दायर की। हालांकि, उनका आरोप है कि प्रथम अपीलीय पदाधिकारी के रूप में उपायुक्त की ओर से इस पर भी कोई आदेश पारित नहीं किया गया।
इन छह बिंदुओं पर मांगी गई थी जानकारी
शिकायतकर्ता ने मुख्य रूप से एनएच-522 पर हजारीबाग से बगोदर के बीच फोरलेन निर्माण, भूमि अधिग्रहण और कोयला परियोजनाओं से जुड़े दस्तावेज मांगे थे। इनमें शामिल हैं:
- भूमि अधिग्रहण और सर्वे का विवरण: एनएच-522 के फोरलेन निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया, अवार्ड का विवरण और वर्ष 2023 के सर्वे के अनुसार सड़क के दोनों ओर की गई मापी की जानकारी। इसमें रैयती, गैरमजरूआ और जंगल-झाड़ी भूमि की प्रकृति का विवरण भी मांगा गया था।
- आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की अवार्ड सूची: अधिग्रहण के दौरान चिह्नित आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों की अवार्ड सूची की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई थीं।
- मुआवजा दर निर्धारण की प्रक्रिया: फोरलेन निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि और आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों के मुआवजे की दर तय करने से संबंधित पूरी प्रक्रिया का विवरण मांगा गया था।
- गोंदलपुरा कोल ब्लॉक से जुड़े दस्तावेज: बड़कागांव स्थित गोंदलपुरा कोल ब्लॉक के लिए प्रपत्र-1 प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में अडानी एंटरप्राइजेज के उपाध्यक्ष की ओर से भेजे गए पत्र और उसके सभी संलग्नकों की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई थीं।
- 12 मार्च की शिकायत पर कार्रवाई: शिकायतकर्ता की आधिकारिक ई-मेल आईडी से 12 मार्च को भेजी गई शिकायत पर हुई कार्रवाई, संबंधित पत्राचार और जांच रिपोर्ट की प्रमाणित प्रतियां मांगी गई थीं।
- चंद्रगुप्त कोल परियोजना का भूमि हस्तांतरण: केरेडारी स्थित सीसीएल की चंद्रगुप्त कोल परियोजना के लिए भूमि हस्तांतरण से संबंधित जारी राज्यादेश की सत्यापित प्रति मांगी गई थी।
अब निगरानी विभाग की कार्रवाई पर नजर
एसीबी की ओर से शिकायत मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग को भेजे जाने के बाद अब इस मामले में विभागीय स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल उपलब्ध जानकारी शिकायत और उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। उपायुक्त या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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