हजारीबाग जिले के 1800 से अधिक सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश मिला है. इसकी जिम्मेदारी सीआरपी और बीआरपी की है. यह बातें जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीन रंजन ने कही. मौके पर जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार भी मौजूद थे. दरअसल शनिवार को झील रोड स्थित सरकारी बीएड कॉलेज में शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गयी थी. करीब दो घंटे तक चली इस बैठक में 110 से अधिक सीआरपी और बीआरपी शामिल हुए. बैठक में शिक्षा से जुड़े स्कूलों के कार्यों की समीक्षा करते हुए 13 से अधिक बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी.
हजारीबाग के 1800 से अधिक सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए ‘सीटी बजाओ-बच्चा बुलाओ’ अभियान को तेज किया जाएगा. जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रवीन रंजन और DSE आकाश कुमार ने समीक्षा बैठक में BRP-CRP को कड़े निर्देश दिये हैं. जानिए शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्या है विभाग की नई रणनीति.
बैठक में इन योजनाओं पर भी की गयी चर्चा
विद्यार्थियों की उपस्थिति के अलावा पेयजल, स्वच्छता, साफ-सफाई, मध्यान भोजन, समग्र शिक्षा अभियान की गतिविधियां, ई-विद्या वाहिनी, डहर एप, निपुण भारत कार्यक्रम, मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति योजना समेत अन्य शैक्षणिक योजनाओं की भी चर्चा की गयी. बैठक में डीएसई आकाश कुमार ने बताया कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत सरकार की ओर से स्कूलों को सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध करायी जा रही हैं. इसके बावजूद जनवरी माह में विद्यार्थियों की उपस्थिति 80 प्रतिशत से घटकर 70 प्रतिशत रह जाना चिंताजनक है. उन्होंने शिक्षकों से अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में जाकर बच्चों को स्कूल से जोड़ने का निर्देश दिया.
जिले में चलाया जाएगा ‘सीटी बजाओ–बच्चा बुलाओ’ अभियान
डीएसई आकाश कुमार ने कहा कि जिले में लगातार ‘सीटी बजाओ–बच्चा बुलाओ’ अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत सभी बीआरपी और सीआरपी अपने-अपने प्रखंडों में शिक्षण कार्य और उपस्थिति की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि एक भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे. बैठक में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के एडीपीओ कौशल किशोर ने भी सीआरपी-बीआरपी को उनके दायित्वों और कार्यों की जानकारी दी और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया.


