Friday, August 7, 2026

हजारीबाग: चौपारण में DMFT योजनाओं की गुणवत्ता पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज.

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हजारीबाग: चौपारण प्रखंड में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (DMFT) की राशि से संचालित विकास योजनाओं की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में चारदीवारी, भवन निर्माण समेत कई परियोजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन इन कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष देखने को मिल रहा है।

सांसद के विधानसभा प्रतिनिधि मुकुंद साव ने आरोप लगाया कि कई निर्माण कार्यों में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि संबंधित विभागों द्वारा नियमित निरीक्षण और तकनीकी जांच नहीं होने के कारण ठेकेदार अपनी सुविधा के अनुसार कार्य कर रहे हैं।

ग्रामीणों ने भी जताई नाराजगी

स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकांश निर्माण स्थलों पर गुणवत्ता की प्रभावी जांच नहीं हो रही है। इससे सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और निर्माण कार्यों की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग आवश्यक है, ताकि कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए जा सकें।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

मुकुंद साव ने कहा कि चौपारण में लगातार नई योजनाओं की शुरुआत हो रही है, लेकिन यदि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया तो सरकारी धन का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक धन से संचालित विकास योजनाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है तथा इसमें किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए।

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