Monday, March 16, 2026

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के खिलाफ मोर्चा ,बिजली विभाग के SDO के पक्ष में उतरे ऊर्जा मित्र.

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धनबाद में बिजली विभाग के SDO पर एक महिला ने आरोप लगाया है. आरोप को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों पर टिप्पणी की है.

धनबादः जिले के गोविंदपुर थाना क्षेत्र में बिजली विभाग के SDO पर महिला की गरिमा भंग करने के आरोप के बाद मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. एक ओर जहां स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के हस्तक्षेप से प्रशासन हरकत में आया है, वहीं दूसरी ओर मंत्री के बयान को लेकर झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ ने कड़ा विरोध जताया है. इस पूरी घटनाक्रम ने प्रशासन, बिजली विभाग और ऊर्जा कर्मियों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी है.

झड़प की स्थिति पैदा हो गई

मामला गोविंदपुर थाना क्षेत्र के सहराज गांव का है. आरोप है कि निरसा सब-डिविजन के SDO नीतीश कुमार बिजली चोरी के खिलाफ छापेमारी के लिए गांव पहुंचे थे. इसी दौरान वह एक घर में गेट तोड़कर घुस गए और छापेमारी की. इस घटना से गांव में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों व बिजली विभाग की टीम के बीच झड़प की स्थिति बन गई.

इरफान अंसारी को दी गई घटना की जानकारी

ग्रामीण महिलाएं SDO को साथ लेकर गोविंदपुर थाना पहुंची और शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि थाना प्रभारी द्वारा पीड़िता का FIR दर्ज नहीं की गई, जबकि बिजली विभाग की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया. पुलिस की इस कार्यशैली से नाराज ग्रामीणों ने रांची से अपने घर लौट रहे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का काफिला गोविंदपुर–साहिबगंज मुख्य मार्ग पर पूर्वी टुंडी के शंकरडीह इलाके में रोककर पूरी घटना की जानकारी दी.

मंत्री ने निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए

मंत्री इरफान अंसारी ने अपने बयान में कहा कि कुछ पदाधिकारी विपक्ष के साथ मिलकर सरकार की छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के कुछ अधिकारी वर्षों से एक ही पद पर जमे हुए हैं और उन पर वसूली व धमकी देने के आरोप लगते रहे हैं. मंत्री ने धनबाद के एसएसपी को दोनों पक्षों की प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की बात कही.

इधर, स्वास्थ्य मंत्री के इस बयान के विरोध में झारखंड राज्य ऊर्जा मित्र संघ में भारी आक्रोश देखने को मिला. धनबाद के धैया स्थित कार्यालय में रविवार को आयोजित बैठक में संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार के निर्देश पर ऊर्जा मित्र बिजली चोरी रोकने और राजस्व उगाही का कार्य करते हैं. ऐसे में कार्रवाई के दौरान कर्मियों के साथ मारपीट की घटनाओं के बावजूद मंत्री स्तर से अधिकारियों पर टिप्पणी करना कर्मियों का मनोबल तोड़ने जैसा है.

ऊर्जा मित्रों के साथ मारपीट की गई- संस्थापक

उर्जा मित्र संघ के संस्थापक संतोष प्रसाद कुशवाहा ने कहा कि छापेमारी के दौरान ऊर्जा मित्रों के साथ मारपीट की गई, जिसमें कई कर्मी घायल हो गए. वहीं, झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिक सप्लाई वर्कर्स यूनियन के क्षेत्रीय सचिव बबन प्रसाद ने बताया कि निरसा-1 क्षेत्र में सुनियोजित तरीके से भीड़ द्वारा विद्युत कर्मियों पर लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर से हमला किया गया. सरकारी वाहन को भी क्षतिग्रस्त किया गया. फिलहाल स्वास्थ्य मंत्री के हस्तक्षेप के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ है. अब देखना होगा कि महिला द्वारा लगाए गए आरोप और ऊर्जा कर्मियों पर हुए हमलों के मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाती है

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