रांची: झारखंड में खनिजों के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए गठित स्टेट टास्क फोर्स की 11 सितंबर को हुई बैठक को लेकर प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है। बैठक में अवैध खनन और खनिजों के परिवहन पर कार्रवाई की समीक्षा हुई, लेकिन अवैध बालू खनन और परिवहन को लेकर अलग से चर्चा नहीं होने की बात सामने आई है।
बैठक में खनन विभाग, परिवहन विभाग, पुलिस मुख्यालय और प्रदूषण नियंत्रण परिषद के अधिकारी शामिल हुए। वहीं विभिन्न जिलों के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े। बैठक की अध्यक्षता खान सचिव अरवा राजकमल ने की।
NGT के आदेश के अनुपालन का भी था एजेंडा
बैठक के एजेंडों में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों का पालन सुनिश्चित करना भी शामिल था। एनजीटी ने पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर बारिश के मौसम में बालू खनन पर रोक से संबंधित निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अवैध बालू उत्खनन पर अंकुश लगाने के निर्देश भी हैं।
हालांकि, बैठक में इस एजेंडे पर चर्चा के दौरान बालू के अवैध उत्खनन और बरसात के दौरान खनन पर रोक से जुड़े मुद्दे पर विस्तृत चर्चा नहीं होने की जानकारी सामने आई है।
खनिजों के खिलाफ कार्रवाई की हुई समीक्षा
बैठक में खनिजों के अवैध कारोबार के खिलाफ अलग-अलग जिलों में की गई कार्रवाई का ब्यौरा प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने वाहनों की जांच और कार्रवाई से संबंधित आंकड़े साझा किए।
इस दौरान कितने वाहनों को पकड़ा गया, कितने मामलों में जुर्माना लगाया गया और कितने वाहन जब्त किए गए, इसकी जानकारी दी गई। बैठक में कुल आठ एजेंडों पर चर्चा किए जाने की बात सामने आई है।
अवैध बालू कारोबार को लेकर उठ रहे सवाल
राज्य में बालू के अवैध खनन और परिवहन को लेकर समय-समय पर शिकायतें और खबरें सामने आती रही हैं। एनजीटी की रोक के बावजूद कुछ इलाकों में अवैध गतिविधियों के आरोप लगाए जाते रहे हैं।
ऐसे में स्टेट टास्क फोर्स की बैठक में बालू के अवैध कारोबार पर चर्चा नहीं होने की जानकारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, बैठक में किन विषयों पर क्या निर्णय लिए गए, इसे लेकर संबंधित विभागों की आधिकारिक जानकारी अलग से सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
