मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला. सूचना प्रौद्योगिकी (IT) शेयरों में आई भीषण बिकवाली के चलते बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए. हालांकि, बैंकिंग और हेल्थकेयर सेक्टर के शेयरों में आई खरीदारी ने बाजार को निचले स्तरों से उबरने में बड़ी मदद की और एक बड़ी गिरावट टल गई.
कारोबार के अंत में, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स 303.67 अंक (0.41%) टूटकर 74,346.17 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 77.95 अंक (0.33%) की गिरावट के साथ 23,405.60 पर बंद हुआ.
IT शेयरों में हाहाकार, बैंकिंग ने संभाला
बुधवार के कारोबारी सत्र में सबसे ज्यादा मार आईटी सेक्टर पर पड़ी. निफ्टी आईटी इंडेक्स 5 फीसदी से ज्यादा टूट गया. अमेरिकी बाजार के संकेतों और तकनीकी कंपनियों में मुनाफावसूली के कारण आईटी काउंटरों पर चौतरफा बिकवाली देखी गई. दिग्गज आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक (HCLTech) सेंसेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे.
इसके विपरीत, वित्तीय और बैंकिंग शेयरों ने बाजार को सहारा दिया. निफ्टी पीएसयू बैंक (सरकारी बैंक) इंडेक्स में सबसे शानदार बढ़त दर्ज की गई. इसके साथ ही निफ्टी बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स भी बाजार में मजबूती के साथ बंद हुए. निफ्टी शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल्स, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो) और मैक्स हेल्थकेयर सबसे ज्यादा मुनाफे में रहे.
क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ?
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए अब 23,500 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण है. अगर बाजार इस स्तर के ऊपर टिकने में कामयाब होता है, तो सेंटिमेंट में सुधार आ सकता है. इसके बाद बाजार में 23,600 और फिर 23,800 के स्तरों की ओर रिकवरी देखी जा सकती है.
दूसरी तरफ, यदि बाजार नीचे गिरता है, तो 23,300–23,350 का बैंड तत्काल सपोर्ट का काम करेगा. इसके बाद 23,150–23,200 का क्षेत्र सबसे महत्वपूर्ण डिमांड जोन है, जिसने पिछले कुछ सत्रों में बाजार को कई बार संभाला है.
रुपये में गिरावट और वैश्विक चिंताएं
शेयर बाजार के साथ-साथ विदेशी मुद्रा बाजार में भी कमजोरी दिखी. विदेशी फंडों की लगातार निकासी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ (शुल्क) प्रस्तावों को लेकर उपजी चिंताओं के कारण भारतीय रुपया लगातार दूसरे सत्र में कमजोर हुआ. तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, हाजिर डॉलर-रुपया (USDINR) के लिए 96.50 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस है, जबकि 95.10 पर अहम सपोर्ट बना हुआ है.


