Friday, May 29, 2026

सेंसेक्स 1,092 अंक और निफ्टी 359 अंक टूटकर बंद हुआ.

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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए शुक्रवार, 29 मई 2026 का दिन बेहद निराशाजनक रहा. शुरुआती बढ़त को गंवाते हुए दोनों प्रमुख सूचकांकों में अंतिम एक घंटे में भारी बिकवाली देखी गई. वैश्विक और घरेलू मोर्चों पर आए नकारात्मक संकेतों के कारण बीएसई सेंसेक्स 1,092.06 अंक या 1.44 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 74,775.74 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) भी 359.40 अंक या 1.50 प्रतिशत फिसलकर 23,547.75 के स्तर पर आ गया.

बाजार में भारी उतार-चढ़ाव
शुक्रवार के कारोबारी सत्र में बाजार में भारी अस्थिरता देखी गई. निफ्टी ने कारोबार के दौरान 24,002.80 का इंट्रा-डे हाई (उच्चतम स्तर) छुआ था, लेकिन शाम होते-होते बिकवाली के दबाव में यह 23,484.75 के निचले स्तर तक चला गया. इसी तरह, सेंसेक्स भी दिन में 76,220.02 के स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन आखिरी घंटों में तेज बिकवाली के कारण यह 74,589.11 के इंट्रा-डे लो (निचले स्तर) तक गोता लगा गया.

गिरावट के मुख्य कारण
US-Iran भू-राजनीतिक अनिश्चितता: अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौतों और शर्तों को लेकर वैश्विक बाजार में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. इस अनिश्चितता ने निवेशकों को डरा दिया, जिसके कारण मुनाफावसूली तेज हो गई.

कमजोर मानसून का अनुमान: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इस साल मानसून के दीर्घकालिक औसत (LPA) का 90% रहने का अनुमान जताया है. मानसून के इस कमजोर पूर्वानुमान ने कृषि उत्पादन और महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं.

दिग्गज शेयरों में बिकवाली: बाजार के सबसे बड़े हैवीवेट शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज में 2.18% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा आईटीसी (ITC) का शेयर 1.71% टूट गया, जिसने पूरे मार्केट सेंटीमेंट को बिगाड़ दिया

IT सेक्टर ने दिया सहारा
बाजार की इस चौतरफा गिरावट के बीच आईटी सेक्टर मजबूती से खड़ा रहा. अमेरिकी तकनीकी बाजारों में आई तेजी और भारतीय रुपये में आई कमजोरी के कारण निफ्टी आईटी इंडेक्स 0.60% से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुआ. कमजोर रुपये से निर्यात आधारित आईटी कंपनियों के मार्जिन में सुधार की उम्मीद है.

तकनीकी दृष्टिकोण और आगे की राह
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए 23,500 का स्तर बेहद महत्वपूर्ण है. यदि निफ्टी इस स्तर के नीचे लगातार बना रहता है, तो आने वाले दिनों में बाजार 23,300 से 23,200 के स्तर तक नीचे जा सकता है. वहीं, बढ़त की स्थिति में 23,750-23,800 का क्षेत्र पहला बड़ा प्रतिरोध (Resistance) होगा, जिसके बाद 24,000 के स्तर पर मजबूत रुकावट देखने को मिलेगी.

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