मुंबई: घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को पूरे दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। इसके बावजूद कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। वहीं, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होकर नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स में मामूली बढ़त
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स सोमवार को 43.27 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,542.44 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 78,676.98 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा, जबकि दिन में इसका निचला स्तर 78,298.92 अंक रहा।
इस तरह दिन के कारोबार में सेंसेक्स के उच्च और निम्न स्तर के बीच करीब 378 अंकों का अंतर रहा। इससे बाजार में बनी अस्थिरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इसी तरह एनएसई का निफ्टी भी सीमित बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी 13.15 अंक यानी 0.05 प्रतिशत चढ़कर 24,583.80 अंक पर पहुंच गया।
इससे पहले शुक्रवार को घरेलू बाजार में तेज गिरावट दर्ज की गई थी। सेंसेक्स करीब 455 अंक और निफ्टी 65 अंक नीचे बंद हुआ था।
कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाई चिंता
सोमवार के कारोबार में निवेशकों की निगाहें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहीं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जुड़े घटनाक्रमों के बीच तेल की कीमतों में तेजी देखी गई।
अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.10 प्रतिशत बढ़कर 84.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई। भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी का असर भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये पर भी पड़ सकता है।
रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
कच्चे तेल की महंगाई और डॉलर की मांग के दबाव के बीच भारतीय मुद्रा में भी कमजोरी रही। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 पैसे टूटकर 95.31 के स्तर पर बंद हुआ।
यह रुपये का अब तक का सबसे कमजोर बंद स्तर बताया गया है। महंगे कच्चे तेल से भारत का आयात बिल बढ़ने की आशंका रहती है, जिससे रुपये पर अतिरिक्त दबाव बन सकता है।
इन शेयरों ने बाजार को दिया सहारा
सोमवार को कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी ने बाजार को संभालने में मदद की। टाइटन, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स और इंफोसिस के शेयरों में मजबूती देखने को मिली।
इन कंपनियों में खरीदारी के कारण व्यापक बाजार पर दबाव कुछ कम हुआ और प्रमुख सूचकांक मामूली बढ़त के साथ कारोबार समाप्त करने में सफल रहे।
SBI, NTPC और TCS में दबाव
दूसरी ओर, कुछ दिग्गज शेयरों में बिकवाली का असर भी बाजार पर पड़ा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), एनटीपीसी, आईटीसी और टीसीएस जैसे प्रमुख शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई।
इन शेयरों में गिरावट ने सेंसेक्स और निफ्टी की बढ़त को सीमित रखा।
अब महंगाई के आंकड़ों पर नजर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कंपनियों के सकारात्मक तिमाही नतीजों से घरेलू शेयर बाजार को कुछ समर्थन मिला है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता तनाव निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में 480.24 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। अब निवेशकों की नजर इस सप्ताह जारी होने वाले भारत और अमेरिका के खुदरा महंगाई यानी CPI आंकड़ों पर रहेगी।
महंगाई के ये आंकड़े ब्याज दरों और आर्थिक गतिविधियों को लेकर बाजार की उम्मीदों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में आने वाले कारोबारी सत्रों में वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमत, रुपये की चाल और महंगाई के आंकड़े बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे।
