रांचीः इन दिनों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विभागवार कामकाज की समीक्षा कर रहे हैं. इसके तहत आज बुधवार को झारखंड मंत्रालय में खान एवं भू-तत्व और भवन निर्माण विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की मुख्यमंत्री ने समीक्षा की. बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव अरवा राजकमल, खान निदेशक राहुल कुमार सिन्हा, भूतत्व निदेशक कुमार अमिताभ सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.
अवैध खनन पर रोक लगाने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में अवैध खनन पर कड़ी सख्ती बरतने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इसे हर हाल में रोकना सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने कहा कि अवैध खनन से राज्य को राजस्व की हानि होती है. साथ ही यह पर्यावरणीय संतुलन और कानून-व्यवस्था के लिए भी गंभीर चुनौती उत्पन्न करता है. इसलिए इस पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विभागीय समन्वय, नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि राज्य में संचालित सभी सरकारी भवनों और सरकारी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करें. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए.
“बंद पड़ी खदानों को निरस्त करें”
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में संचालित बीसीसीएल, सीसीएल और ईसीएल की बंद पड़ी खदानों को निरस्त करने हेतु उपाय तलाशने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि जिन खदानों में उत्पादन बंद है, वहां उत्पादन पुनः प्रारंभ कराया जाए अथवा लीज निरस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाए. जिन खनिज ब्लॉकों का ऑक्शन हो चुका है, लेकिन वे लंबे समय से क्रियाशील नहीं हैं उन्हें निरस्त कर पुनः राजस्व का आकलन करते हुए दोबारा ऑक्शन किया जाए. साथ ही खनन लीज क्षेत्र और कार्यरत एवं गैर-कार्यरत क्षेत्रों की मैपिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.
गोल्ड माइनिंग क्षेत्र को सशक्त बनाने का निर्देश
राज्य में संचालित कुल 7 गोल्ड माइंस की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वर्ण उत्पादन को बढ़ाने का निर्देश दिया. समीक्षा के दौरान उन्होंने वर्तमान उत्पादन क्षमता, संचालन की स्थिति और भविष्य की संभावनाओं का विस्तृत आकलन किया. वर्तमान में इन खदानों से लगभग 20 किलोग्राम वार्षिक स्वर्ण उत्पादन हो रहा है, जिसे बढ़ाने की आवश्यकता पर उन्होंने जोर दिया.
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गोल्ड माइंस के संचालन में आ रही बाधाओं को दूर करें, ताकि उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके. इसके साथ ही उन्होंने राज्य के अन्य संभावित गोल्ड खदानों के शीघ्र ऑक्शन की प्रक्रिया को गति देने का निर्देश दिया, जिससे खनन गतिविधियों का विस्तार हो और राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके.
मुख्यमंत्री ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड एवं झारखंड माइनिंग एंड एक्सप्लोरेशन कंपनी लिमिटेड के लिए अधिकाधिक खनिज क्षेत्र आरक्षित करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य को अधिक राजस्व प्राप्त हो सके और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले. उन्होंने JMECL में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने और दोनों संस्थाओं के लिए एसओपी तैयार करने का भी निर्देश दिया.
अवैध खनन और बालू उठाव पर रोकथाम का निर्देश
राज्य में कुल 820 बालू घाटों में से 376 (कैटेगरी-1) घाटों पर पंचायतों के माध्यम से बालू उठाव जारी है, जबकि 444 (कैटेगरी-2) घाटों में से 300 का ऑक्शन किया जा चुका है. मुख्यमंत्री ने ऑक्शन किए गए घाटों से शीघ्र बालू उठाव प्रारंभ कराने और शेष घाटों का शीघ्र ऑक्शन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. साथ ही मशीन से बालू उठाव पर रोक संबंधी आदेश की समीक्षा कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने को कहा है.
मुख्यमंत्री ने अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसके लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग, नियमित निरीक्षण, सघन निगरानी और विभाग, पुलिस एवं जिला प्रशासन को आपसी समन्वय बनाकर अभियान चलाने का निर्देश दिया.
“कोल ट्रेडिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करें”
समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड राज्य खनिज विकास निगम लिमिटेड (JSMDC) के माध्यम से कोल ट्रेडिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए योग्य सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को पंजीकृत कर कोयला आपूर्ति में वृद्धि सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंने निर्देश दिया कि आपूर्ति प्रणाली को सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाया जाए, ताकि आवश्यक क्षेत्रों तक समय पर कोयला उपलब्ध हो सके.
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी छात्रावासों, विशेषकर आवासीय विद्यालयों के छात्रावासों का समुचित मैपिंग कर वहां कोयला आपूर्ति की प्रक्रिया प्रारंभ करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि वर्तमान में एलपीजी की उपलब्धता में आ रही कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कोयले के उपयोग की संभावनाओं पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाए.

भवन निर्माण विभाग की समीक्षा
भवन निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विभिन्न सरकारी भवनों, कार्यालय परिसरों, आवासीय भवनों, शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और आधुनिक एवं टिकाऊ निर्माण तकनीकों को अपनाने का निर्देश दिया.


