साहिबगंज : नगर परिषद चुनाव के बाद नवनिर्वाचित अध्यक्ष और वार्ड पार्षद मिल जाएंगे. बोर्ड की बैठकें होंगी और विकास की रूपरेखा तैयार की जाएगी. साथ ही शहरवासियों की सुरक्षा को लेकर रणनीति बनाई जाएगी, लेकिन नवनिर्वाचित अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों के समक्ष गांधी चौक से लेकर स्टेशन तक फुटपाथ पर बैठे दुकानदारों के लिए स्थायी व्यवस्था करना बड़ी चुनौती होगी. आम लोग फुटपाथ को भुला चुके हैं कि आखिर फुटपाथ कैसा होता है. बड़े शहरों में ही फुटपाथ नजर आता है. साहिबगंज नगर परिषद चुनाव में यह प्रमुख मुद्दा बनकर उभरा है.
साहिबगंज नगर परिषद क्षेत्र में फुटपाथ पर अतिक्रमण की वजह से स्कूली बच्चों से लेकर आम लोग बीच सड़क पर चलते हैं. इस दौरान कई बार सड़क दुर्घटना में लोगों की मौत हो जाती है. फुटपाथ पर दुकानें लगाने की वजह से हर दिन लोगों को जाम आदि की समस्या से जूझना पड़ता है.
वहीं फुटपाथ दुकानदारों का कहना है कि रेलवे की तीन फीट जमीन मिल जाती तो सारी दुकानें शिफ्ट हो जाती. दुकानदारों ने यह भी कहा कि नगर परिषद हमसे टैक्स तो लेती है लेकिन सुविधा के नाम पर कुछ नहीं है. आज तक स्थाई दुकानों की दिशा में कोई पहल नहीं की गई. 20 साल से लोग फुटपाथ पर अपनी दुकानें लगा रहे हैं. कभी-कभी फुटपाथ खाली करा दिया जाता है. ऐसे में बड़ी तकलीफ होती है. परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है.

जिला प्रशासन से आग्रह है कि इस बार फुटपाथ पर बसने वाले सभी दुकानदारों को स्थाई दुकानें आवंटित की जाएं. नाली से पूरब रेलवे की पर्याप्त जमीन है. रेलवे से तीन से चार फीट जमीन लेकर दुकानें बनवा दी जाए तो हम लोगों को राहत मिलेगी. हर बार खदेड़ दिया जाता है. परेशानी होती है. जो भी नगर परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आएंगे उनसे आग्रह है कि इस दिशा में पहल करें.
“रेलवे से कई बार जमीन की मांग की गई है. हाल में डीसी ने मामले में डीआरएम के साथ वार्ता भी की थी. आशा है कि रेलवे द्वारा थोड़ी सी जमीन मिल जाएगी. जमीन मिलने के बाद सभी फुटपाथ पर अस्थायी तौर पर दुकानें लगाने वालों के लिए व्यवस्था कर दी जाएगी.”- रवि कुमार, सिटी मैनेजर, नगर परिषद साहिबगंज.


