नेपाल की ओर से बाढ़ के पानी के साथ पहुंचने की सूचना
सारण: जिले में बाढ़ के पानी के साथ नेपाल की दिशा से कुछ अज्ञात और असामान्य मछलियों के पहुंचने की सूचना के बाद मत्स्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन मछलियों की पहचान और सुरक्षित होने की पुष्टि नहीं है, उन्हें खाने से बचना चाहिए।
मत्स्य विभाग के अनुसार, ऐसी मछलियों के सेवन के बाद कुछ लोगों के बीमार होने की जानकारी भी सामने आई है। इसे देखते हुए आम लोगों से संदिग्ध मछलियों के मामले में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की गई है।
बाढ़ के दौरान मछलियों के दूषित होने का खतरा
विभाग ने बताया कि बाढ़ के समय तालाब, नदी, झील और दूसरे जलस्रोतों का पानी आसपास के इलाकों में फैल जाता है। इस दौरान मछलियां भी अपने सामान्य जलक्षेत्र से निकलकर बाढ़ के पानी के साथ दूसरे स्थानों तक पहुंच सकती हैं।
ऐसे पानी में गंदे नालों, कचरे, मृत पशुओं या अन्य दूषित सामग्री के संपर्क में आने की संभावना रहती है। इससे मछलियों के जरिए संक्रमण फैलने का जोखिम बढ़ सकता है।
संदिग्ध मछलियों की खरीद-बिक्री से भी रहें दूर
मत्स्य विभाग ने लोगों से बाढ़ के पानी से पकड़ी गई ऐसी मछलियों को न खरीदने और न ही उनकी बिक्री करने की अपील की है, जिनकी पहचान को लेकर संदेह हो। विभाग की सलाह है कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए और केवल सुरक्षित एवं प्रमाणित स्रोतों से मिलने वाली मछलियों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
बीमारी के लक्षण दिखें तो तुरंत लें चिकित्सकीय मदद
अगर संदिग्ध मछली खाने के बाद किसी व्यक्ति को उल्टी, दस्त, पेट में दर्द, चक्कर, सांस लेने में परेशानी या कोई अन्य असामान्य समस्या महसूस होती है, तो उसे देर किए बिना नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।
विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी इलाके में ऐसी अज्ञात या संदिग्ध मछलियां दिखाई देती हैं, तो इसकी सूचना स्थानीय प्रशासन या संबंधित मत्स्य पदाधिकारी को दी जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
