शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजारों ने मजबूत वैश्विक संकेतों के बीच सकारात्मक शुरुआत की. हालांकि, इसके बावजूद बेंचमार्क सूचकांक लगातार तीसरे सत्र में साप्ताहिक आधार पर गिरावट के रास्ते पर बने हुए हैं. शुरुआती कारोबार में निवेशकों का रुख सतर्क लेकिन सकारात्मक नजर आया.
सुबह करीब 9:20 बजे 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 384.25 अंकों यानी 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 84,866.06 के स्तर पर कारोबार करता दिखा. वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 104 अंकों या 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 25,926.90 पर पहुंच गया. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी फिलहाल 25,700 से 25,900 के दायरे में कारोबार कर रहा है, जो निवेशकों और ट्रेडर्स के बीच असमंजस को दर्शाता है.
विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी के लिए 25,900 से 26,000 का स्तर तत्काल प्रतिरोध के रूप में काम कर सकता है, जबकि 25,700 और 25,600 के स्तर प्रमुख समर्थन माने जा रहे हैं. इन स्तरों के आसपास बाजार की दिशा तय होने की संभावना है.
शुरुआती कारोबार में कई दिग्गज शेयरों में खरीदारी देखने को मिली. टीएमपीवी, इटरनल, इंफोसिस, पावर ग्रिड, बीईएल, सन फार्मा और बजाज फिनसर्व जैसे शेयरों में 1.5 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई और ये सेंसेक्स के टॉप गेनर्स में शामिल रहे. दूसरी ओर, आईसीआईसीआई बैंक और भारती एयरटेल ही ऐसे प्रमुख शेयर रहे, जिनमें शुरुआती कारोबार के दौरान गिरावट देखने को मिली.
सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे. निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स 1.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा, जबकि निफ्टी फार्मा इंडेक्स में 1.1 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई. निफ्टी ऑटो इंडेक्स भी करीब 0.5 से 0.57 प्रतिशत तक चढ़ा.
ब्रॉडर मार्केट्स ने भी सकारात्मक रुझान दिखाया. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.45 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया.
वैश्विक स्तर पर निवेशकों की नजर ब्रिटेन के रिटेल सेल्स डेटा, यूरो क्षेत्र के वेज ट्रैकर आंकड़ों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैलेंस शीट से जुड़े आंकड़ों पर बनी हुई है. घरेलू मोर्चे पर निवेशक भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक के मिनट्स और ताजा विदेशी मुद्रा भंडार के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं.
संस्थागत गतिविधियों की बात करें तो विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) गुरुवार को शुद्ध खरीदार रहे और उन्होंने 614.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी बाजार को समर्थन दिया और 2,525.98 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की. विदेशी संकेतों के बीच रुपये में भी मजबूती रही और यह डॉलर के मुकाबले 10 पैसे बढ़कर 90.10 पर पहुंच गया


