Friday, April 10, 2026

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी लौटी है;सेंसेक्स 630 और निफ्टी 203 अंकों की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं.

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मुंबई: नए जियोपॉलिटिकल तनाव (भू-राजनीतिक चिंताओं) और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने की आशंकाओं के बावजूद, भारतीय शेयर बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक शुक्रवार को तेजी के साथ खुले हैं. ग्लोबल मार्केट से मिले सकारात्मक संकेतों के दम पर घरेलू शेयर बाजार ने बीते सत्र की भारी गिरावट से शानदार रिकवरी दिखाई है.

शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 0.82 प्रतिशत या लगभग 630 अंक चढ़कर 77,261 के इंट्रा-डे हाई पर पहुंच गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 (NSE Nifty 50) भी 0.85 प्रतिशत या 203 अंकों की बढ़त के साथ 23,978 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा. इससे पहले गुरुवार को बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स 931 अंक टूटकर 76,631 पर और निफ्टी 222 अंक फिसलकर 23,775 पर बंद हुआ था.

बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी, आईटी पर दबाव
आज के कारोबार में सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बैंकिंग, रियल्टी, ऑटो, एनर्जी और मेटल स्टॉक्स में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी जा रही है. वहीं दूसरी ओर, आईटी (IT) और फार्मा सेक्टर के शेयरों पर दबाव बना हुआ है. टॉप लूजर्स की सूची में इन्फोसिस, सन फार्मा, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और एचयूएल जैसे बड़े नाम शामिल हैं.

ग्लोबल मार्केट में बढ़त का माहौल
भारतीय बाजारों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से पूरा समर्थन मिल रहा है. अमेरिकी बाजार (Wall Street) में रात को तेजी दर्ज की गई, जहां S&P 500 इंडेक्स 0.62% और नैस्डैक 0.82% की बढ़त के साथ बंद हुए. एशियाई बाजारों में भी हरियाली छाई हुई है; जापान का निक्केई (Nikkei) 1% से ज्यादा की छलांग लगाकर 56,815 के स्तर को पार कर गया. इसके अलावा हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) भी क्रमशः 0.7% और 1.5% की मजबूती के साथ कारोबार कर रहे हैं.

क्या कह रहे हैं एक्सपर्ट्स?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि एनर्जी मार्केट (कच्चे तेल की कीमतों) में चल रही उथल-पुथल के मुकाबले इक्विटी मार्केट में गिरावट का दायरा काफी सीमित रहा है. यह इस बात का संकेत है कि निवेशक मान रहे हैं कि आगे चलकर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आएगी. जानकारों का कहना है कि अगले 3 से 6 महीनों में ऊर्जा की कीमतें धीरे-धीरे कम हो सकती हैं. हालांकि, मौजूदा भू-राजनीतिक अस्थिरता से आर्थिक विकास (Growth) पर मामूली असर और महंगाई में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन मजबूत कॉर्पोरेट अर्निंग्स (तिमाही नतीजों) की उम्मीदों के चलते भारतीय इक्विटी का आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है.

इस समय ब्रेंट क्रूड ऑयल 1.13% बढ़कर 97.01 डॉलर प्रति बैरल और यूएस डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड 1.39% की तेजी के साथ 99.24 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ है.

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