झारखंड में शराब घोटाले पर एसीबी की जांच के बाद लगातार बढ़ते नुकसान के आंकड़ों ने राजनीति गरमा दी है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शराब घोटाला 136 करोड़ रुपए के पार पहुंच चुका है और सरकार जिम्मेदारी से बचने के लिए अधिकारियों को बलि का बकरा बनाने की तैयारी में है.
- मरांडी ने कहा कि शराब घोटाले में पहले 38 करोड़, फिर 70 करोड़ और अब 136 करोड़ का नुकसान सामने आना यह साबित करता है कि पूरे प्रकरण को छिपाने की कोशिश की गई. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जांच की आंच से बचने के लिए नए अधिकारियों को बलि देने की योजना बना रहे हैं, जबकि असली गुनाहगार ऊपर की परत में बैठे हुए हैं.
- उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अवैध कमाई की जल्दबाजी में अखबार में टेंडर जारी होने से पहले ही एक निर्धारित कंपनी को शराब आपूर्ति का काम सौंप दिया. नियमों के मुताबिक, कंपनी को शराब आपूर्ति शुरू करने से पहले JSBCL के साथ एग्रीमेंट करना आवश्यक था, लेकिन बिना किसी समझौते और बिना टेंडर प्रक्रिया पूरी किए कंपनी को काम दे दिया गया.
मरांडी के अनुसार, एसीबी की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इस कंपनी की वजह से सरकार को 136 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर नियमों को ताक पर रखकर काम दिए जाने में किसका संरक्षण था, यह किसी से छिपा नहीं है. उन्होंने टिप्पणी की कि सरकार का मंत्र “जितना और जहां हो सके लूट लो” बन गया है. मरांडी ने कहा कि चाहे एसीबी असल गुनाहगारों तक पहुंचे या नहीं, केंद्र की एजेंसियों द्वारा इस घोटाले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच तय है.


