Thursday, March 19, 2026

वैश्विक तनाव और कच्चे तेल में उछाल के कारण आज सेंसेक्स 357 अंक टूटा, जिससे निफ्टी 24,600 के महत्वपूर्ण स्तर के नीचे गिर गया.

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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज का दिन “ब्लैक फ्राइडे” साबित हो रहा है. सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत बेहद खराब रही. वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और एशियाई बाजारों में मंदी के संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुले.

बाजार का ताजा हाल
शुरुआती कारोबार में ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स 357 अंक से ज्यादा टूट गया. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 24,600 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसल गया है. बाजार में चौतरफा बिकवाली देखी जा रही है, जिससे निवेशकों के करोड़ों रुपये डूब गए हैं. स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है.

गिरावट के 4 बड़े कारण
मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक निवेशकों को डरा दिया है. युद्ध की स्थिति में निवेशकों ने जोखिम वाली संपत्तियों (जैसे शेयर) से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश (जैसे सोना) की ओर रुख किया है.

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें: खाड़ी देशों में तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें $86 प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. भारत अपनी जरूरत का 80% तेल आयात करता है, ऐसे में तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ने की आशंका है.

अमेरिकी बाजार में गिरावट: पिछले सत्र में अमेरिकी बाजार (Dow Jones और Nasdaq) भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिसका असर आज भारतीय बाजार पर “डोमिनो इफेक्ट” की तरह दिख रहा है.

FII की भारी बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार में तरलता की कमी हो रही है.

इन शेयरों में मची सबसे ज्यादा हलचल
आज के कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में गिरावट देखी जा रही है. आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव है. हालांकि, बाजार की इस गिरावट के बीच सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई है, क्योंकि अनिश्चितता के माहौल में लोग सुरक्षित निवेश को प्राथमिकता दे रहे हैं.

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति सामान्य नहीं होती, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा. निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी में कोई फैसला न लें और गिरावट के इस दौर में केवल मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही ध्यान दें.

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