वैशाली, 16 अक्टूबर 2026: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर प्रखंड स्थित रामपुर श्यामचंद नाव हादसे के पीड़ित परिवारों से शिक्षक रौशन आनंद ने मुलाकात की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को कुल 3.25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी और उनके बच्चों की शिक्षा में आगे भी सहयोग करने का भरोसा जताया।
पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान माहौल भावुक हो गया। रौशन आनंद ने परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में वह उनके साथ खड़े हैं।
मुख्यमंत्री के नहीं पहुंचने पर उठाए सवाल
पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद रौशन आनंद ने मुख्यमंत्री के घटनास्थल पर नहीं पहुंचने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पटना से राघोपुर की दूरी कम है और ऐसे हादसे के बाद पीड़ित परिवारों से मिलना जरूरी था।
उन्होंने दावा किया कि 8 और 20 सितंबर को जिलाधिकारी को क्षेत्र की समस्याओं से अवगत कराया गया था, लेकिन उनके मुताबिक, जरूरी कदम नहीं उठाए गए। रौशन आनंद ने घटना के संदर्भ में प्रशासन की तैयारी और संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े किए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित प्रशासन का पक्ष रिपोर्ट में शामिल नहीं है।
चिराग पासवान से क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने की अपील
रौशन आनंद ने हाजीपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से अपने संसदीय क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राघोपुर में स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है।
उनका कहना था कि क्षेत्र में बेहतर अस्पताल और आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध होने से दुर्घटना जैसी स्थितियों में प्रभावित लोगों को समय पर इलाज मिल सकता है।
एंबुलेंस, ऑक्सीजन और एनडीआरएफ की तैनाती की मांग
नाव हादसे का जिक्र करते हुए रौशन आनंद ने दावा किया कि घटना में 13 बच्चों की मौत हुई। उन्होंने क्षेत्र में पर्याप्त एंबुलेंस, ऑक्सीजन की सुविधा और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीम की तैनाती की मांग की।
उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में समय पर राहत और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए मजबूत व्यवस्था जरूरी है। इससे प्रभावित लोगों को जल्द मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य मंत्री से निरीक्षण करने की अपील
रौशन आनंद ने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से राघोपुर की स्वास्थ्य व्यवस्था का निरीक्षण करने और वहां मौजूद कमियों को दूर करने की अपील की। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से स्वास्थ्य सेवाओं तथा आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने की मांग की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं के दौरान लोगों को समय पर सहायता मिल सके।
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