हॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री एमी मैडिगन के लिए 98वें ऑस्कर अवार्ड सेरेमनी में एक ना भुला पाने वाला क्षण था, जब उन्होंने सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री का अपना पहला ऑस्कर जीता. 75 साल की अभिनेत्री को जैक क्रेगर की हॉरर थ्रिलर फिल्म ‘वेपन्स’ में उनकी भूमिका के लिए यह पुरस्कार मिला है. जब उनके नाम का एलान हुआ तो मैडिगन आश्चर्यचकित और भावुक हो गईं. डॉल्बी थिएटर में मौजूद दर्शकों ने पुरस्कार स्वीकार करने के लिए मंच पर आते ही उन्हें खड़े होकर तालियां बजाकर उनका स्वागत किया. पिछले साल की विजेता जोई सल्डाना ने उन्हें अपने हाथ से ट्रॉफी दी.
मैडिगन के लिए यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक है. यह उनकी पहली ऑस्कर नामांकन के 40 साल से भी अधिक समय बाद मिली है. उन्हें पहली बार 1985 में फिल्म ‘ट्वाइस इन अ लाइफटाइम’ में अपनी भूमिका के लिए नामांकित किया गया था. अब उनके नाम किसी अभिनेत्री के लिए पहले नामांकन और पहली जीत के बीच सबसे लंबे अंतराल का रिकॉर्ड है.
मैडिगन ने अपनी ऑस्कर विनिंग स्पीच की शुरुआत यह कहते हुए की कि वह ‘बेहद भावुक’ महसूस कर रही हूं. उन्होंने मजाक में यह भी कहा कि ऑस्कर विजेताओं को आमतौर पर सलाह दी जाती है कि वे अपने भाषणों में बहुत से लोगों के नाम न लें क्योंकि दर्शक उन्हें पहचान न पाएं. हालांकि, उन्होंने कहा कि ये नाम मायने रखते हैं क्योंकि ये वही लोग हैं जिन्होंने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने में मदद की. उन्होंने निर्देशक जैक क्रेगर को उनके लिए एक ‘सपनों का किरदार’ लिखने के लिए धन्यवाद दिया. मैडिगन के अनुसार, इस भूमिका ने उन्हें किरदार को पूरी तरह से समझने और शूटिंग के दौरान आनंद लेने का मौका दिया.
इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी लिली और दामाद शॉन को धन्यवाद दिया. उन्होंने मजाकिया अंदाज में ‘ऑल द डॉग्स’ का भी जिक्र किया. अंत में, उन्होंने अपने पति, अभिनेता एड हैरिस को दिल से धन्यवाद दिया. उन्होंने प्यार से कहा, ‘एड हमेशा से मेरे साथ रहे हैं, और यह बहुत लंबा समय है. उन्होंने आगे कहा, ‘अगर वह मेरे साथ नहीं होते तो इनमें से किसी भी बात का कोई मतलब नहीं होता’.
फिल्म ‘वेपन्स’ में मैडिगन के अभिनय की सराहना की गई है. इस फिल्म में, वह आंटी ग्लैडिस की भूमिका निभाती हैं, जो एक छोटे से अमेरिकी शहर में रहने वाली एक रहस्यमय और परेशान करने वाली महिला हैं. कहानी एक चौंकाने वाली घटना के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें कई स्कूली बच्चे एक ही रात में अपने घरों से गायब हो जाते हैं. जैसे-जैसे रहस्य खुलता है, पता चलता है कि ग्लैडिस एक चुड़ैल है जो बीमारी से जूझते हुए जीवित रहने के लिए जादू करती है.
दिलचस्प बात यह है कि हॉरर फिल्मों को अभिनय के लिए ऑस्कर बहुत कम ही मिलते हैं. इतिहास में जाएं तो केवल कुछ ही अभिनेताओं ने हॉरर फिल्मों में अपने अभिनय के लिए पुरस्कार जीते हैं. इसलिए मैडिगन की जीत उनकी उपलब्धि को और भी खास बनाती है. अभिनेत्री ने अपने करियर के संघर्षों के बारे में खुलकर बात की है. कई वर्षों तक उन्हें लगा कि हॉलीवुड ने उन्हें दमदार भूमिकाएं देना बंद कर दिया है. उन्होंने कहा कि कई बार ऐसा लगता था जैसे फोन बजना ही बंद हो गया हो, लेकिन ‘वेपन्स’ ने सब कुछ बदल दिया और दर्शकों को उनकी प्रतिभा की याद दिला दी.


