बिहार में सड़क और पुल निर्माण को लेकर सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है. दो ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, पांच एक्सप्रेसवे, हजारों किलोमीटर नई सड़कें और कई नए पुल बनाए जाएंगे. पथ निर्माण विभाग में 1300 पदों पर बहाली भी होगी.
बिहार सरकार ने इन्फ्रास्ट्रक्चर का एक मेगा प्लान तैयार किया है. विधानसभा में बजट चर्चा के दौरान पथ निर्माण मंत्री दिलीप जायसवाल ने घोषणा की कि राज्य में 5 नए एक्सप्रेसवे, 2 हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर और नदियों पर 12 पुल बनाये जायेंगे. इसका मकसद बिहार के किसी भी इलाके से राजधानी पटना पहुंचने के समय को घटाकर मात्र 4 घंटे करना है.
शुरू हो चुका है काम
5 बड़े एक्सप्रेसवे पर काम शुरू हो चुका है. इनमें वाराणसी-रांची-कोलकाता, गोरखपुर-सिलीगुड़ी, पटना-पूर्णियां, रक्सौल-हल्दिया और बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे शामिल हैं. सरकार ने 250 किमी लंबे पशुपतिनाथ-बैद्यनाथ कॉरिडोर और 225 किमी लंबे नारायणी-गंगा कॉरिडोर के लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मांगी है. ये कॉरिडोर न केवल अंतर्राज्यीय संपर्क बढ़ाएंगे, बल्कि बिहार को नेपाल और झारखंड के प्रमुख धार्मिक स्थलों से भी जोड़ेंगे.
दूरी कम होगी
नदियों के जाल वाले बिहार में आवागमन सुगम बनाने के लिए गंगा, कोसी, सोन और गंडक पर कुल 12 नए पुलों की सौगात दी गई है. गंगा नदी पर बक्सर, मटिहानी और कहलगांव में तीन पुल बनेंगे, जबकि गंडक पर चार नए पुलों का निर्माण होगा. बाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पास बनने वाला 4-लेन पुल पर्यटन और पर्यावरण के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ये पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच की दूरी को काफी कम कर देंगे.
सड़कों के निर्माण के साथ-साथ उनके रखरखाव के लिए सात निश्चय-3 के तहत 19353 किलोमीटर लंबे स्टेट हाईवे को 2026 से 2033 तक के रखरखाव के लिए टेंडर प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है. इसके अलावा 3000 किलोमीटर लंबाई में नए स्टेट हाईवे बनाने की योजना है.
1300 पदों पर होगी बहाली
बेरोजगार युवाओं के लिए भी यह बजट राहत लेकर आया है. पथ निर्माण विभाग में कुल 1300 रिक्त पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इनमें सीनियर इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर, क्लर्क और अमीन जैसे पद शामिल हैं. 2026-27 के लिए विभाग ने लगभग 74 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांग को सदन से पारित कराया है.


