रांची: केंद्र सरकार ने झारखंड को वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंत तक 15वें वित्त आयोग के तहत करीब 2254 करोड़ रुपए की राशि मुहैया कराई है, जो अब तक की सर्वाधिक रकम है. इधर केंद्र से राज्य सरकार के ग्रामीण विकास विभाग को मिली भारी भरकम राशि पर सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है.
राशि मिलने पर बीजेपी ने थपथपाई अपनी पीठ
बीजेपी ने इसका स्वागत करते हुए कहा है कि कल तक केंद्र से सहयोग नहीं मिलने का आरोप लगाने वालों के मुंह पर यह तमाचा है. बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप सिन्हा ने कहा कि केंद्र सरकार से मिली राशि का सदुपयोग होना चाहिए ना कि दुरुपयोग, बीजेपी इस पर नजर रखेगी और सरकार को भी चाहिए कि जिस मद का पैसा मिला है, उसका सही से खर्च हो.
राशि का होगा सदुपयोग
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा यह राशि काफी जद्दोजहद के बाद मिली है. मुझे उम्मीद है कि इस राशि का सदुपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में होगा. मुझे उम्मीद है कि हमारे, जो पंचायती राज के प्रतिनिधि हैं, वो अपने क्षेत्र में जो बुनियादी सुविधा खासकर पेयजल एवं अन्य साधनों पर खर्च कर जनता तक इसका लाभ पहुंचाने का काम करेंगे.
झारखंड को मिले करीब 2254 करोड़ रुपए
राज्य के 4345 पंचायतों में विकास कार्य के लिए बड़े पैमाने पर राशि मुहैया कराई गई है. केंद्र सरकार द्वारा वित्तीय साल 2025-26 के अंत तक झारखंड को 15वें वित्त आयोग के तहत करीब 2254 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई है. इस राशि को राज्य के पंचायतों को मिलने वाली राशि के नजरिए से आंके तो हर एक पंचायत के हिस्से में पिछले एक साल में करीब 51 लाख 80 हजार रुपए आयेंगे.
यह राशि राज्य गठन के बाद से अब तक मिलने वाली सर्वाधिक राशि है. सबसे बड़ी उपलब्धि ये है कि राज्य वित्त आयोग से पहली बार पंचायतों को अनुदान राशि दी गई है. इससे पहले 15वें वित्त आयोग के तहत झारखंड के हिस्से में वित्तीय वर्ष 2021-22 में 624.50 करोड़, वित्तीय वर्ष 2022-23 में 1271 करोड़, वित्तीय वर्ष 2023-24 में 1300 करोड़, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 653.50 करोड़ जबकि वित्तीय 2025-26 में यह राशि सर्वाधिक 2254 करोड़ रुपए राज्य के पंचायतों को मिली है.


