Saturday, October 17, 2026

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में आज से जंगल सफारी शुरू, बाढ़ के कारण थी बंद.

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बगहा, पश्चिम चंपारण: बिहार के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (VTR) में पर्यटकों के लिए जंगल सफारी फिर से शुरू कर दी गई है। मानसून और गंडक नदी में आई बाढ़ के कारण बंद पड़ी सफारी 17 अक्टूबर 2026 से बहाल हुई है। बाढ़ और लगातार बारिश से क्षतिग्रस्त वन मार्गों की मरम्मत के बाद वन विभाग ने यह निर्णय लिया।

सफारी दोबारा शुरू होने से पर्यटक एक बार फिर रिजर्व के प्राकृतिक वातावरण और वन्यजीवों को देखने का अवसर पा सकेंगे। इसके साथ ही बगहा और आसपास के इलाकों में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बाढ़ से क्षतिग्रस्त वन मार्गों की मरम्मत के बाद फैसला

सितंबर के अंत में गंडक नदी में आई बाढ़ और लगातार बारिश के कारण VTR के कई वन मार्ग प्रभावित हुए थे। पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जंगल सफारी बंद रखी गई थी।

वन संरक्षक सह क्षेत्र निदेशक गौरव ओझा के मुताबिक, अधिकारियों के साथ बैठक कर वन मार्गों की स्थिति और मरम्मत कार्यों की समीक्षा की गई। 14 अक्टूबर को निरीक्षण और समीक्षा के बाद परिस्थितियां अनुकूल पाए जाने पर 17 अक्टूबर से सफारी फिर शुरू करने का निर्णय लिया गया।

वन विभाग के अनुसार, मानसून के कारण जंगल सफारी 29 जुलाई से बंद थी। मार्गों की मरम्मत पूरी होने और स्थिति का आकलन करने के बाद पर्यटकों को दोबारा प्रवेश की अनुमति दी गई है।

VTR में हर साल पहुंच रहे हजारों पर्यटक

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में पर्यटन के प्रति लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, पर्यटन वर्ष 2025-26 में कुल 6,09,159 पर्यटक रिजर्व पहुंचे। इनमें 1,53,596 सशुल्क और 4,55,563 निःशुल्क पर्यटक शामिल थे। इस दौरान पांच विदेशी पर्यटकों ने भी यहां भ्रमण किया।

वहीं, पर्यटन सत्र 2026-27 में जून 2026 तक 1,70,592 पर्यटक पहुंच चुके थे। इनमें 47,768 सशुल्क और 1,22,814 निःशुल्क पर्यटक शामिल थे। इस अवधि में 10 विदेशी पर्यटकों के आने का भी उल्लेख किया गया है।

ये आंकड़े बताते हैं कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व बिहार में वन्यजीव पर्यटन के प्रमुख केंद्रों में अपनी जगह बनाए हुए है।

जंगल सफारी की लोकप्रियता में हुआ इजाफा

VTR में जंगल सफारी का आकर्षण भी बीते कुछ वर्षों में बढ़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2021-22 में 11,538 पर्यटकों ने जंगल सफारी की थी। वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 33,224 हो गई।

इसके अलावा, अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच 20 हजार से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया था। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सफारी का दोबारा शुरू होना पर्यटन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बाघ, तेंदुआ और अन्य वन्यजीव हैं आकर्षण का केंद्र

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। यहां के वन क्षेत्रों में बाघ, तेंदुआ, गौर, भालू, सांभर और चीतल जैसे वन्यजीव पाए जाते हैं।

जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को वन क्षेत्र की प्राकृतिक छटा और वन्यजीवों को देखने का अवसर मिलता है। हालांकि, वन्यजीवों का दिखाई देना मौसम, स्थान और उनकी प्राकृतिक गतिविधियों पर निर्भर करता है। सफारी के दौरान वन विभाग के सुरक्षा निर्देशों का पालन करना आवश्यक है।

सफारी शुरू होने से स्थानीय पर्यटन को मिलेगी गति

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व पश्चिम चंपारण जिले के बगहा क्षेत्र में पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र है। यहां सफारी शुरू होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय स्तर पर पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी लाभ मिल सकता है।

होटल, स्थानीय परिवहन और अन्य पर्यटन सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए भी पर्यटकों की बढ़ती संख्या महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक आर्थिक प्रभाव आने वाले समय में पर्यटकों की संख्या और स्थानीय कारोबार की गतिविधियों से स्पष्ट होगा।

पर्यटक जाने से पहले लें जरूरी जानकारी

जंगल सफारी दोबारा शुरू होने के बाद पर्यटकों को यात्रा की योजना बनाते समय प्रवेश, बुकिंग, समय और उपलब्ध सफारी मार्गों से जुड़ी ताजा जानकारी लेनी चाहिए। बाढ़ के बाद वन क्षेत्र की परिस्थितियों में बदलाव संभव है, इसलिए वन विभाग के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

कुल मिलाकर, वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में 17 अक्टूबर से जंगल सफारी बहाल होना वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए अच्छी खबर है। बाढ़ से प्रभावित मार्गों की मरम्मत के बाद सफारी शुरू होने से बिहार के इस प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन स्थल में गतिविधियां फिर तेज होने की उम्मीद है।

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